Karnataka Muharram : मुळगुंद (कर्नाटक) के एक गांव में एक भी मुसलमान न होने पर भी हिन्दू मनाते हैं मोहर्रम !

मुळगुंद (कर्नाटक) – यहां के बासापुर गांव में एक भी मुसलमान नहीं रहता, फिर भी सैकडों वर्षों से हिन्दू शिया मुसलमानों का मुहर्रम पर्व मनाते आ रहे हैं । मुहर्रम निकट आते ही गांव के प्रत्येक घर की सफाई की जाती है ।

ग्रामवासियों द्वारा चंदा एकत्र कर यह पर्व मनाया जाता है । गांव में ‘पंजा’ (अलाई देव) स्थापित कर उसकी लगातार ५ दिनों तक पूजा की जाती है । मुहर्रम के अंतिम दिन पंजा की शोभायात्रा निकालकर उसका विसर्जन किया जाता है ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न होने के कारण धर्म के प्रति उनकी स्थिति कितनी दयनीय है, इसका यह एक अत्यंत बडा उदाहरण कहा जा सकता है । हिन्दू संगठनों तथा धार्मिक संस्थाओं को ऐसे हिन्दुओं का तत्काल प्रबोधन कर उन्हें इससे बाहर निकालना चाहिए ।