सरकार द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात करने का आरोप

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल में सुवेंदु सरकार के ‘पश्चिम बंगाल पशुवध नियंत्रण अधिनियम, १९५०’ नामक कानून को लागू करने के आदेश के विरुद्ध कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (सीपीआई-एमएल) की बंगाल शाखा ने कोलकाता उच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की है । इसमें मांग की गई है कि ‘न्यायालय तत्काल हस्तक्षेप करे’ । इस कानून के अनुसार गोहत्या करने पर प्रतिबंध लगाया गया है ।
🚩 Communists file petition in the Kolkata High Court against the beef ban in Bengal, alleging an “assault on religious freedom.” ⚖️
Those who once claimed “religion is the opium of the people” never rushed to defend Hindu religious rights, but become instantly active for Muslim… pic.twitter.com/qxUCX2u9LU
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) May 21, 2026
याचिका में दावा किया गया है कि इस कानून को लागू करना अर्थात मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता, पशु व्यापार से संबंधित कृषकों (जो अधिकांशतः हिन्दू समुदाय से हैं) की आजीविका, नागरिकों की स्वयं की रुचि का अन्न खाने की स्वतंत्रता एवं बंगाल की खाद्य संस्कृति की विविधता पर किया गया आक्रमण है । इस कानून को लागू करने का उद्देश्य पशु बलि पर प्रतिबंध लगाना है ।
भारत हिन्दू बहुल देश होकर भी धर्मनिरपेक्ष । कोई इस्लामी देश धर्मनिरपेक्ष हो, तो बताईए – राजा भैय्या, विधायक, उत्तरप्रदेश
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