शहर की सीमा पर ११८ हेक्टेयर भूमि पर वाहन पार्किंग की योजना ।

नासिक — वर्ष २०२७ में होने वाले सिंहस्थ कुंभ पर्व के अवसर पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं तथा साधु-संतों की भारी भीड को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वर्ष २०१५ की तुलना में इस बार साधुग्राम का विस्तार तीन गुना बढाने का निर्णय लिया है । १ सहस्त्र एकड भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त साधुग्राम बनाने का प्रस्ताव है । इसके साथ ही नासिक शहर में आने वाले ९ प्रमुख मार्गों पर शहर की सीमा के पास ११८ हेक्टेयर भूमि पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी । यहां से श्रद्धालुओं को रामकुंड, तपोवन, लक्ष्मीनारायण घाट, राम संगम तथा दशरथ घाट तक पहुंचना सुविधाजनक होगा । सरकार द्वारा नासिक कुंभ पर्व की बडे स्तर पर ‘ब्रांडिंग’ किए जाने के कारण ५ करोड से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना व्यक्त की जा रही है ।
साधुग्राम में आंतरिक सडकें, मल-निकासी व्यवस्था, जलापूर्ति एवं विद्युत व्यवस्था का बडा जाल तैयार किया जाएगा । श्रद्धालुओं के लिए निवास शेड, व्यापारिक संकुल, पुलिस चौकी, चिकित्सालय, अग्निशमन शेड तथा सेक्टर कार्यालय बनाए जाएंगे । साधुग्राम क्षेत्र का विशेष सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा ।
नासिक नगरमहापालिका को साधुग्राम के लिए तपोवन, नांदूर तथा आगरटकली क्षेत्र में ७८४ एकड से १ सहस्त्र एकड निजी भूमि का अधिग्रहण करना है, किन्तु भूमि मालिकों ने स्थायी भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है । नगरमहापालिका द्वारा किसानों को ५० प्रतिशत टी.डी.आर. (हस्तांतरणीय विकास अधिकार) तथा ५० प्रतिशत नकद मुआवजा (प्रत्यक्ष मुद्रा भुगतान) देने का प्रस्ताव भी भूमि मालिकों ने अस्वीकार कर दिया है । उनकी मांग है कि “वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार १०० प्रतिशत नकद मुआवजा (प्रत्यक्ष मुद्रा भुगतान) दिया जाए ।”
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