NEET Paper Leak : प्रश्नपत्र लीक होने के कारण ३ मई को आयोजित ‘नीट’ परीक्षा निरस्त !

  • केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पेपर लीक प्रकरण की जांच करेगा

  • परीक्षा की नई दिनांक शीघ्र ही घोषित की जाएगी

(NEET – ‘नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट’, अर्थात राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा)

नई दिल्ली – चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए ‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी’ द्वारा ३ मई को आयोजित की गई ‘नीट’ परीक्षा निरस्त कर दी गई है । प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो जाने के कारण यह निर्णय लिया गया । एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा की नई दिनांक शीघ्र ही घोषित की जाएगी । इस परीक्षा में २३ लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था । अब पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पडेगी ।

‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी’ द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाए गए थे । प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने एवं नैतिकता विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने के लिए परीक्षा निरस्त कर पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया है । पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है ।

‘गेस पेपर’ में परीक्षा के ७२० में से ६०० प्रश्न थे !

राजस्थान के कई विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से मिलते-जुलते हस्तलिखित ‘गेस पेपर’ (संभावित प्रश्नपत्र) मिले थे । १० मई को ‘राजस्थान स्पेशल टास्क फोर्स’ ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर एवं झुंझुनू से १३ संदिग्धों को बंदी बना लिया ।

जांच में सामने आया कि परीक्षा के ७२० प्रश्नों में से ६०० प्रश्न परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर के विद्यार्थियों तक पहुंच चुके थे । दरअसल, केरल के एक कॉलेज के एम.बी.बी.एस. छात्र ने १ मई को सीकर में रहनेवाले अपने मित्र को एक ‘गेस पेपर’ भेजा था । सीकर के एक कोचिंग संस्थान संचालक को वह पेपर मिला तथा उसने उसे वहां रहनेवाले विद्यार्थियों में बांट दिया । इसी प्रक्रिया के कारण वह पेपर कई लोगों तक फैल गया ।

संपादकीय भूमिका

पिछले कुछ वर्षों से केंद्र और राज्य स्तर की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक हो रहे हैं, फिर भी इस पर कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती ? परीक्षा निरस्त होने से विद्यार्थियों को होनेवाली आर्थिक, मानसिक तथा समय की हानि की भरपाई कौन करेगा ?