US Iran War : ईरान के विरुद्ध युद्ध में अमेरिका के सैन्य अड्डों की भारी हानि

लन्दन (ब्रिटन) – ईरान पर होनेवाले आक्रमणों को अमेरिका एवं इजराइल ने स्थगित किया है; किन्तु इस युद्ध में जैसे ईरान की हानि हुई, वैसे ही अमेरिका के सैन्य अड्डों की भी भारी हानि हुई है । इस सन्दर्भ में ‘सीएन्एन्’ (केबल न्यूज नेटवर्क) समाचार वाहिनी ने उपग्रह चित्रों एवं प्रत्यक्ष दृश्यों का उपयोग कर प्रसारित किए गए समाचार के अनुसार अमेरिका की शस्त्रास्त्र सामग्री के साथ ही अत्याधुनिक यंत्र थोड़े अथवा पूर्ण ध्वस्त करने में ईरान को सफलता मिली है ।

. ईरान ने पडोसी अरब देशों में स्थित अमेरिका के सैन्य अड्डों को लक्ष्य बनाने की नीति अपनाई थी । उसमें कुवैत, कतार, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात सहित ८ देशों में न्यूनतम १६ सैन्य अड्डों की भारी हानि हुई है ।

. कुवैत में स्थित ‘कैम्प ब्युरिंग, अमेरिका का सैन्य अड्डा युद्ध आरम्भ होने से पूर्व सैनिकों एवं उनके विविध उपक्रमों से भरा रहता था । वह अब शान्त है, वहां कोई भी नहीं है ।

. कतार में स्थित ‘अल उदेद’ वायुसेना के अड्डे पर दो बार आक्रमण किया गया । यहां के युद्ध कक्ष से अमेरिका २९ देशों के सम्पर्क में रहता था । ईरान के आक्रमण में इस अड्डे की भी लक्षणीय हानि हुई । यह कक्ष अब हटा दिया गया है ।

. कुवैत के ‘कैम्प अरिफजान’ इस अड्डे पर ईरान के आक्रमण में डेटा (सूचना) भेजने के लिए अत्यावश्यक अनेक ‘रडार डोम’ ध्वस्त हो गए हैं । इससे वायु रक्षा के लिए आवश्यक अत्याधुनिक रडार प्रणाली की बड़ी हानि हुई है ।

. उपग्रह चित्रों से ईरान द्वारा प्रक्षेपास्त्र एवं ड्रोन आक्रमण किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है । उसमें अमेरिका के वायुसेना अड्डों पर बडे गड्ढे पड गए हैं एवं निर्माण कार्य की हानि हुई है । लडाकू विमान एवं अन्य सामग्री नष्ट हो गई या उनकी भारी हानि हुई ।

. इन घटनाओं की जानकारी रखनेवाले एक व्यक्ति ने ‘सीएन्एन्’ को बताया कि, मैंने इस प्रकार की हानि इसके पूर्व कभी नहीं देखी । लक्ष्यों पर तीव्र एवं अचूक आक्रमण करने के लिए आधुनिक तन्त्रज्ञान का उपयोग किया गया ।

. ईरान ने सऊदी अरब के प्रिन्स सुल्तान अड्डे पर किए प्रक्षेपास्त्र आक्रमण में अमेरिका के ‘ई-३ सेन्ट्री एडब्ल्यूएसीएस्’ इस लडाकू विमान की हानि की । उसमें अमेरिका की ५ लाख डॉलर (४ करोड ७४ लाख ५५ सहस्र रुपयों) की हानि हुई ।