Chhattisgarh Pastor Beaten : हिन्दुओं के धर्मांतरण के प्रकरण में क्रुद्ध ग्रामीणों ने पादरी को पीटा !

ग्राम छोडकर चले जाने के निर्देश दिए !


बस्तर (छत्तीसगढ) – जनपद के रेटावंद ग्राम के भोले-भाले निर्धन हिन्दुओं का ईसाई मत में धर्मांतरण करने के कारण ग्रामीणों ने एक पादरी की जमकर पिटाई की । इस घटना का एक चलचित्र (वीडियो) सामने आया है जिसमें मारपीट के समय पादरी का वस्त्र फटा हुआ दिखाई दे रहा है । पुरुष एवं स्त्रियों दोनों के समूहों द्वारा पादरी को लात, घूंसे एवं चप्पलों से पीटने का दृश्य चलचित्र में दिख रहा है ।

घटनाक्रम के अनुसार मूलतः ओडिशा का निवासी यह पादरी बहुत समय से रेटावंद ग्राम में निवास कर रहा था । वह स्थानीय हिन्दुओं को धर्मांतरण के लिए प्रवृत्त कर रहा था । इससे क्रुद्ध ग्रामीणों ने २६ अप्रैल को ग्राम में एक बैठक आयोजित कर पादरी को उसके परिवार सहित ग्राम छोडकर जाने के निर्देश दिए । पादरी द्वारा इसकी उपेक्षा करने पर अन्ततः क्रुद्ध ग्रामीणों ने उसे पीटा ।

पादरी शीघ्र ही ग्राम छोडकर जाएगा ! – पुलिस का आश्वासन

पुलिस समय रहते घटनास्थल पर पहुंची एवं हस्तक्षेप कर स्थिति नियन्त्रण में ली । पादरी शीघ्र अति शीघ्र ग्राम छोडकर चला जाए, ऐसी मांग ग्रामीणों द्वारा निरन्तर की जा रही है । इस पर पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि, पादरी निश्चित ही ग्राम छोडकर चला जाएगा ।

संपादकीय भूमिका

  • छत्तीसगढ में निकट पूर्व ही धर्मांतरणविरोधी कानून होने के उपरान्त भी हिन्दुओं के धर्मांतरण का कार्य निरन्तर चल रहा है । प्रशासन द्वारा धर्मान्तरण करनेवाली शक्तियों को नियन्त्रण में न ला पाने के कारण अब जनता ही कानून अपने हाथ में ले रही है, तथापि इसका उत्तरदायित्व अन्ततः कानून एवं व्यवस्था देखनेवाले प्रशासन का ही है, यह उन्हें ध्यान में रखना चाहिए !
  • वास्तव में पुलिस को पादरी को बन्दी बनाकर उसके विरुद्ध धर्मांतरण विरोधी कानून के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही करनी चाहिए थी । ऐसा न करनेवाली छत्तीसगढ की भाजपा सरकार को सम्बन्धित पुलिसकर्मियों पर ही अब कार्यवाही करनी चाहिए !