शास्त्र धर्म प्रचार सभा द्वारा प्रकाशित ‘ट्रुथ’ एवं ‘भारताजीर’ के 94वें वर्षगांठ के अवसर हिन्दू जनजागृति समिति का सहभाग !

नासिक में उजागर हुआ कॉर्पोरेट जिहाद भारत के किसी भी शहर तथा कॉर्पोरेट (प्रतिष्ठान) में संभव है ! इसके लिए हमें जागृति और बढानी होगी – शंभू गवारे, पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

फोटो के मध्य में बैठे पूज्य डॉ. शिव नारायण सेनजी एवं कार्यक्रम में उपस्थित भक्तगण

कोलकाता (बंगाल) – यहां पर स्थित शास्त्र धर्म प्रचार सभा के मुख्यालय में 19 अप्रैल को ‘ट्रुथ’ अंग्रेजी भाषा के एवं ‘भारताजीर’, बांग्ला भाषा के सपताहिक की 94वीं वर्षगांठ मनाई गई । इस अवसर पर हुगली, बंगाल से गौर महाराजजी ने मुख्य अतिथि के रूप में मार्गदर्शन किया । इस कार्यक्रम में हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक शंभू गवारे को वक्ता के रूप में निमंत्रित किया गया था, उन्होंने अपने वक्तव्य में नासिक की घटना के कारण जिन्हें यह लग रहा था कि उनके बच्चे अच्छे पढ लिखकर बडी कंपनी में जॉब कर रहे हैं, अर्थात अब वो स्थिर (सेटल) हो गए, ऐसा विचार करना सर्वथा अनुचित होगा, हमें हमारे बच्चों को समाज की वास्तविकता से अवगत करवाना होगा एवं स्वयं भी जागरूक और संगठित रहना होगा ।

कार्यक्रम में शास्त्र धर्म प्रचार सभा के श्री जयनारायण सेनजी, सोवन सेनगुप्ता, ‘ट्रुथ’ के संपादक पूज्य शिवनारायण सेनजी, उपसंपादक डॉक्टर कौशिकचंद्र मलिक, भारतीय साधक समाज के संस्थापक श्री अनिर्बान नियोगीजी एवं पंडित उपेन्द्र मोहनजी के अनेक भक्तगण प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन प्रणाली से सहभागी हुए थे ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश भेजा गया ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का संदेश

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले


शास्त्र धर्म प्रचार सभा की दिव्य वाणी “Truth” की ९४ वर्ष पूरे होने के इस पवित्र अवसर पर, हम भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी भावपूर्ण प्रार्थना अर्पित करते हैं।

“Truth” की यह अविरत यात्रा देखकर मन कृतज्ञता से भर जाता है। लगभग एक शताब्दी से, “Truth” ने कलियुग के इस अशांत महासागर में दीपस्तंभ के समान कार्य किया है और मुमुक्षुओं को धर्म के शाश्वत प्रकाश की ओर मार्गदर्शन किया है। आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार का यह व्रत ९४ वर्षों तक निरंतर चलाए रखना केवल पत्रकारिता की सफलता नहीं है, यह संस्थापक परम पूज्य श्री उपेंद्र मोहन जी के ‘संकल्प’ का फल है।

आज के भौतिकवादी युग में, “Truth” ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य किए हैं:

१. जनमानस में ‘सनातन’ तत्त्वों और शास्त्रों की सर्वोच्चता को पुनः स्थापित करना।

२. ‘चैतन्य’ युक्त दृष्टिकोण प्रदान करके सामूहिक बुद्धि का शुद्धिकरण करना।

३. मानव जन्म का अंतिम लक्ष्य ‘ईश्वरप्राप्ति’ है, इसकी प्रत्येक साधक को अनुभूति कराना।

मैं श्री हरि के चरणकमलों में नतमस्तक होकर प्रार्थना करता हूं कि “Truth” की आगामी यात्रा के लिए उनका असीम आशीर्वाद सदैव प्राप्त होता रहे। इस प्रकाशन का दिव्य तेज प्रतिवर्ष बढ़ता रहे और विश्वभर के साधकों का मार्ग प्रकाशित करता रहे। इस उदात्त ‘सत्सेवा’ में सहभागी सभी समर्पित साधक और संपादकों को राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए आवश्यक शारीरिक बल, दीर्घायु और प्रगल्भ ‘भाव’ प्राप्त हो, यही ईश्वरचरणों में प्रार्थना है।

जब हम ‘ईश्वरीय राज्य’ की स्थापना की दिशा में अग्रसर हैं, तब “Truth” सभी हिन्दुओं और साधकों को जागृत करने वाला तथा उन्हें धर्ममार्ग पर संगठित करने वाला योद्धा बने।
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले