ईसाई धर्म स्वीकारने पर बेटे, बहू को जूतों की माला पहनाई गई ।

  • हाथरस (उत्तर प्रदेश) की घटना

  • बहू ने बेटे को धर्मांतरण के लिए फंसाया, ऐसा आरोप परिवार ने लगाया ।

  • आगरा में रहते समय धर्मांतरण किया गया ।

धर्मांतरण के संदेह में अपने ही बेटे, बहू को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाने की घटना

हाथरस (उत्तर प्रदेश) – धर्मांतरण के संदेह में अपने ही बेटे, बहू को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाने की घटना सामने आई है । इस घटना में पुलिस ने पिता तथा भाई सहित तीन लोगों को बंदी बनाया है । (इन तीनों को बन्दी बनाने के साथ ही बेटे, बहू का धर्मांतरण करने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए – संपादक)

युवक की मां ने आरोप लगाया है कि उसकी बहू ने उसके बेटे को धर्मांतरण के लिए फंसाया है । बहू ईसाई समाज से संबंधित है तथा वह ईसाइयों के कार्यक्रमों में जाती थी । बहू के मायके वालों ने पहले ही बेटे का धर्मांतरण कर दिया था, ऐसा भी आरोप लगाया गया है ।

बेटे ने मंदिर जाना छोड दिया, समाज से भी संपर्क तोडा ।

परिवार के लोगों ने बताया कि बेटा बहुत समय से आगरा में रह रहा था । वहीं उसका धर्मांतरण किया गया । जब बेटा, बहू गांव वापस आए, तो उनका व्यवहार पूरी तरह बदल चुका था । वे मंदिर नहीं जाते थे, न ही किसी से प्रसाद लेते थे । अभिवादन करते समय किसी भी देवता का नाम नहीं लेते थे । उन्होंने परिवार और समाज के लोगों से संपर्क तोडना प्रारम्भ कर दिया था । (‘धर्मांतरित लोग अधिक कट्टर हो जाते हैं’, यह बात इससे एक बार फिर सिद्ध होती है – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • हिंदुओं को फंसाकर तथा लालच देकर अत्यंत योजनाबद्ध तरीके से उनका धर्मांतरण किए जाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं । उन पर रोक लगाने में प्रशासन विफल हो रहा है, इसलिए यदि हिंदू धर्मप्रेमी परिवारों द्वारा ऐसी कार्यवाही की जाती है, तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए ।
  • आगरा ईसाई धर्मांतरण का केंद्र बन गया है । इस घटना में भी आगरा ले जाकर ही बेटे का धर्मांतरण किया गया । उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून का कठोर पालन नहीं हो रहा है, यह इसका संकेत है । इसके लिए उत्तरदायी प्रशासनिक अधिकारियों के निर्णायक परिणाम तय करके योगी आदित्यनाथ सरकार को उनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए, ऐसी अपेक्षा है ।