उत्तर प्रदेश के ‘के.जी.एम.यू.’ की एम.बी.बी.एस. छात्राओं को दिल्ली ले जाने के षडयंत्र का खुलासा !

  • सामूहिक धर्मांतर का संदेह

  • ‘के.जी.एम.यू.’ में नकली डॉक्टर जिहादी हस्साम अहमद पुलिस की गिरफ्त में !

(के.जी.एम.यू. – किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी)

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) – यहां स्थित ‘किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ (के.जी.एम.यू.) में हस्साम अहमद नामक एक मुस्लिम युवक ने स्वयं को ‘के.जी.एम.यू.’ का एम.बी.बी.एस. उत्तीर्ण छात्र बताकर फर्जी पत्रों तथा नोटिसों के माध्यम से ‘के.जी.एम.यू.’ की हिन्दू छात्राओं को दिल्ली ले जाने का षड्यंत्र रचा था । उनका सामूहिक धर्मांतरण का प्रयास है, ऐसा भी कहा जा रहा है । प्रकरण का खुलासा होने के पश्चात ‘के.जी.एम.यू.’ प्रशासन ने आरोपी को पकडकर पुलिस को सौंप दिया ।

१. आरोपी हस्साम अहमद स्वयं को ‘कार्डियो सेवा संस्थान’ का सह-संस्थापक बताता था । वह लंबे समय से स्वयं को डॉक्टर बताकर ‘के.जी.एम.यू.’ परिसर में घूम रहा था । जिसने बारहवीं भी उत्तीर्ण नहीं की, उसने डॉक्टर जैसा पहनावा अपनाकर चिकित्सा छात्रों तथा रोगियों के बीच विश्वास बना लिया था ।

२. हस्साम ने दिल्ली के घंटाघर क्षेत्र में ‘के.जी.एम.यू.’ के नाम से एक चिकित्सा शिविर आयोजित किया था । इस शिविर में ‘के.जी.एम.यू.’ की ८ से १० छात्राओं सहित अन्य संस्थानों के एम.बी.बी.एस. छात्र भी सम्मिलित हुए थे । ‘के.जी.एम.यू.’ की एक छात्रा ने इस शिविर की जानकारी ‘के.जी.एम.यू.’ के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह को दी तथा उन्हें भी इसमें भाग लेने का निमंत्रण दिया । संदेह होने पर वे स्वयं शिविर स्थल पर पहुंचे । वहां हस्साम के दावों की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि वह डॉक्टर नहीं है ।

संपादकीय भूमिका

इस घटना की लवजिहाद के दृष्टिकोण से भी जांच होनी चाहिए । धर्मान्धों का ऐसा करने का साहस होना, यह उनमें कानून का भय नहीं होने का प्रतीक है !