९ घंटों के बाद रनवे चालू, कई विमानों की उडान समाप्त कर दी गईं ।
(‘हार्ड लैंडिंग’ का अर्थ है विमान का सामान्य से अधिक गति तथा जोर से रनवे पर उतरना । लैंडिंग सहज न होकर जोरदार झटका लगने जैसा होता है ।)

पुणे – लोहगांव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर १७ अप्रैल की रात १०.२५ बजे भारतीय वायुसेना के ‘सुखोई ३० एम.के.आई.’ इस लडाकू विमान के उतरते समय ‘अंडरकैरेज फेल्युअर’ (लैंडिंग गियर में खराबी) हो गई । इसके कारण विमान की ‘हार्ड लैंडिंग’ हुई तथा विमान रनवे के मध्य में फंस गया । सौभाग्य से विमान में सवार पायलट सुरक्षित हैं तथा किसी प्रकार की जनहानि या नागरिक संपत्ति की हानि नहीं हुई, ऐसी जानकारी वायुसेना ने दी ।
१. इस घटना के कारण लोहगांव हवाई अड्डे का रनवे ९ घंटों तक बंद रखा गया था । इससे पुणे आने वाले तथा यहां से उडान भरने वाले ३० से अधिक विमानों की यात्रा समाप्त करी गई या अन्यत्र मोड दिए गए । पुणे हवाई अड्डा दोहरे उपयोग की प्रणाली पर संचालित होता है, जहां नागरिक तथा सैन्य दोनों प्रकार की उडानें होती हैं, इसलिए इस घटना का प्रभाव अधिक व्यापक हुआ । नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री और पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोळ ने इस घटना की जानकारी लेते हुए तुरंत वायुसेना तथा हवाई अड्डा प्रशासन से संपर्क किया ।
२. नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री तथा पुणे के सांसद मुरलीधर मोहोळ ने सोशल मीडिया के माध्यम से हवाई अड्डे की स्थिति की जानकारी दी। रनवे पर फंसे लडाकू विमान को हटाने के लिए क्रेन तथा भारी मशीनरी लाई गईं थीं । वायुसेना की तकनीकी टीम ने पूरी रात काम करके रनवे को पुनः चालू किया । मुरलीधर मोहोळ ने बताया कि विमान सेवाएं पुनः प्रारम्भ हो गई हैं । सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुबह ७.३० बजे से उडानें तथा सुबह ८.०० बजे से लैंडिंग शुरू कर दी गई है । वायुसेना ने इस घटना की विस्तृत जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ के आदेश दिए हैं । तकनीकी खराबी के कारण यह ‘हार्ड लैंडिंग’ हुई या कोई अन्य कारण था, इसकी जांच की जाएगी ।
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