US-Iran Talks : अमेरिका-ईरान की दूसरे चरण (दौर) की वार्ता होने की संभावना


यु.एस. (अमेरिका) – ईरान एवं अमेरिका के बीच बढते विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं । दोनों देशों के बीच १६ अप्रैल तक आमने-सामने वार्ता का दूसरा चरण होने की संभावना है । अधिकारियों के अनुसार वार्ता के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं तथा अगली बैठक के लिए चर्चा जारी है । संघर्ष समाप्त करने और एक व्यापक समझौता करने के लिए दोनों देश पुनः आमने-सामने बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं । इस्लामाबाद एवं जिनीवा संभावित स्थान हैं । वार्ता की तिथि (दिनांक) एवं स्थान अभी तय नहीं हुआ है, परंतु यह शीघ्र हो सकती है ।

पाकिस्तान की ओर से दूसरे चरण की वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव !

पाकिस्तान ने अमेरिका एवं ईरान के बीच वार्ता के दूसरे चरण की मेजबानी का प्रस्ताव दिया है । पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने अगली वार्ता पाकिस्तान में आयोजित करने का सुझाव दिया है; यद्यपि अंतिम निर्णय अमेरिका एवं ईरान पर निर्भर करेगा । पहली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हुई थी, लेकिन इसे चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया का भाग माना जा रहा है तथा आगे भी वार्ता जारी रखने के प्रयास हो रहे हैं ।

ईरान का यूरेनियम संवर्धन पर ५ वर्ष की रोक का प्रस्ताव !

ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को कितने समय के लिए रोकना चाहिए, इस सूत्र पर दोनों देशों में मतभेद बने हुए हैं । वार्ता में ईरान ने यूरेनियम संवर्धन ५ वर्षों तक रोकने का प्रस्ताव दिया है, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन २० वर्षों की रोक पर जोर दे रहा है । अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्थायी प्रतिबंध की अपेक्षा २० वर्ष की अस्थायी रोक का प्रस्ताव दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत परमाणु ईंधन बनाने का अधिकार ईरान को पूरी तरह नहीं छोडना पडेगा ।

ईरान के संवर्धित यूरेनियम को संग्रहित करने का रूस का प्रस्ताव !

रूस ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने यहां रखने का प्रस्ताव दिया है । रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेम्लिन’ के प्रवक्ता द् मित्री पेस्कोव ने कहा कि यह एक प्रस्ताव है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है । यह प्रस्ताव संभावित अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते का भाग माना जा रहा है । संकट को कम करने एवं संवाद आगे बढाने में सहायता करने की रूस की इच्छा है । यदि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम रूस को सौंपता है, तो इससे अमेरिका की चिंताएं कम हो सकती हैं तथा समझौते का रास्ता आसान हो सकता है ।

ईरान ‘आर्थिक आतंकवाद’ की तैयारी कर रहा है ! – अमेरिका

जे.डी. व्हान्स

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वान्स ने आरोप लगाया कि ईरान ‘आर्थिक आतंकवाद’ की तैयारी कर रहा है । उन्होंने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार सक्षम होता है, तो वह और अधिक संकटकारी हो जाएगा । ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को स्पष्ट आश्वासन देना होगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, तभी दृढ समझौता संभव है । उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं तथा अब निर्णय ईरान पर निर्भर है । यदि ईरान इन शर्तों को मानता है, तो अमेरिका उसे सामान्य देश की तरह व्यवहार देने के लिए तैयार है । इस्लामाबाद में हुई वार्ता में कुछ प्रगति हुई, परंतु अंतिम समझौता नहीं हो पाया । अमेरिका ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने एवं ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद में सैन्य कार्रवाई रोकी गई है ।

ईरानी जनता ने उन पर थोपा गया युद्ध विफल कर दिया ! – राष्ट्रपति पेजेश्कियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिरोध के कारण देश को अस्थिर करने के विदेशी प्रयास विफल रहे हैं । ईरानी जनता ने उन पर थोपा गया युद्ध असफल कर दिया है । उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत वार्ता जारी रखेगा । यदि होर्मुज में तनाव बढता है, तो इसका परिणाम पूरे विश्व पर पडेगा । अमेरिका यदि दबाव की नीति छोडकर ईरानी जनता के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौता संभव है ।

अभी असली तस्वीर सामने आनी बाकी है ! – ईरान

मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि “यह केवल ‘ट्रेलर’ है, असली तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है ।” यह बयान पर्शियन खाडी में तेज गतिवाली मिसाइल नौकाओं के संदर्भ में दिया गया था, जो मधुमक्खियों के झुंड की तरह काम कर सकती हैं एवं दुश्मन को घेरने में सक्षम हैं ।

ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी संकटकारी ! – चीन

चीन ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी की निंदा की है । चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ग्यूओ जीआकून ने कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव बढेगा । अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और लक्षित नाकाबंदी से दोनों देशों के बीच समझौते पर असर पड सकता है एवं होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरनेवाले जहाजों की सुरक्षा संकट में पड सकती है ।

अमेरिकी नाकाबंदी के उपरांत भी चीनी टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया !

अमेरिकी नाकाबंदी के उपरांत भी एक चीनी तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया । नाकाबंदी लागू होने के उपरांत ऐसा करनेवाला यह पहला जहाज है । इस जहाज में लगभग ढाई लाख बैरल मेथनॉल था, जो यूएई के हमरिया बंदरगाह से लादा गया था ।

होर्मुज पार करने के लिए भारतीय जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया गया ! – ईरान का स्पष्टीकरण

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंधों के उपरांत भी भारत के अनुरोध पर कई भारतीय तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी । यह कहा जा रहा था कि इसके लिए भारत ने शुल्क दिया, परंतु ईरान ने इसका खंडन किया । भारत में ईरान के राजदूत ने कहा कि “हमने भारतीय जहाजों पर कोई कर नहीं लगाया ।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अच्छे हैं एवं भविष्य में भी बने रहेंगे ।

इजरायल द्वारा लेबनान के सरकारी चिकित्सालय पर आक्रमण !

इजरायल ने दक्षिण लेबनान के तेबनिन चिकित्सालय पर आक्रमण किया, जिसमें जनहानि की सूचना है । लेबनान के सांस्कृतिक मंत्री घासान सालामेह ने कहा कि वार्ता का मुख्य उद्देश्य आक्रमणों को रोकना है । यह राजनयिक स्तर की बैठक होगी, जिसमें सैन्य कार्रवाई रोकने एवं स्थिति शांत करने पर ध्यान दिया जाएगा ।

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो इजरायल-लेबनान वार्ता में सम्मिलित होंगे !

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो इजरायल तथा लेबनान के बीच होनेवाली वार्ता में सम्मिलित होंगे । यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्रालय में होगी, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे । इसमें इजरायल की उत्तरी सीमा की सुरक्षा एवं लेबनान की संप्रभुता से जुडे सूत्रों पर चर्चा होगी ।

चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि !

तेल की बढती कीमतों के कारण मार्च महीने में चीन से इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों का निर्यात दोगुना होकर नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया । अधिक लोग पेट्रोल एवं डीजल वाहनों की अपेक्षा बैटरी से चलनेवाले वाहनों को खरीद रहे हैं ।