Nashik Corporate Jihad : तरुणियों को नमाज के लिए विवश कर धर्मांतरण हेतु दबाव बनाने वाले ६ धर्मान्ध बंदी !

  • नाशिक के बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान में अचंभित करनेवाली घटना !

  • युवतियों को मांस भक्षण के लिए बाध्य किया गया

  • अभियुक्तों को २ दिन की पुलिस अभिरक्षा

  • पुरुष कर्मचारी को भी इस्लाम स्वीकार करने हेतु विवश किया गया

नाशिक – यहां के एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान में कार्यरत तरुणियों को लैंगिक उत्पीडन का सामना करना पडा । उनका वृहद स्तर पर शारीरिक तथा मानसिक शोषण किया गया । नमाज पढने की विवश करना, धर्माँतरण के लिए दबाव डालना एवं मांस भक्षण हेतु बाध्य करना, जैसे कृत्य इस प्रतिष्ठान में प्रचलित थे । इस प्रकरण की पीडित युवतियां सामान्यतः १८ से २५ वर्ष आयु वर्ग की हैं । वर्ष २०२२ से यह चौंकानेवाला घटनाक्रम चल रहा था । (यह कृत्य लगभग साढे तीन वर्ष से चल रहा था, फिर भी पुलिस अथवा प्रशासन के संज्ञान में क्यों नहीं आया ? – संपादक) इस विषय में ९ अपराध पंजीकृत किए गए हैं । इसमें ६ अभियुक्तों को बंदी बनाया गया है । अभियुक्तों के नाम आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन तथा तौसीफ अत्तार हैं । इनमें से एक महिला अभियुक्त वर्तमान में पलायन कर गई है । न्यायालय ने अभियुक्तों को २ दिन की पुलिस अभिरक्षा प्रदान की है । एक को पुणे से, तथा शेष ५ व्यक्तियों को नाशिक से पुलिस ने बंदी बनाया है ।

पुलिस द्वारा जांच हेतु विशेष अन्वेषण दल (SIT) का गठन किया गया है । संबंधित अभियुक्त प्रतिष्ठान में समूह नायक (ग्रुप लीडर) के रूप में कार्यरत थे । वहां के परिचय का अनुचित लाभ उठाते हुए अभियुक्तों ने युवतियों के साथ उपर्युक्त कृत्य किए ।

इस प्रतिष्ठान में एक पुरुष कर्मचारी को भी बलपूर्वक इस्लाम स्वीकार करने हेतु विवश किया गया । ज्ञात हुआ है कि अभियुक्त पीडित तरुणियों से वार्ता करते समय अश्लील भाषा का प्रयोग करते थे । कार्यालय से घर जाने वाली पीडित युवती का पीछा किया जाता था । (संबंधित बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठान के अन्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भी इस प्रकरण में जांच होनी चाहिए ! – संपादक)

पुलिस द्वारा उजागर किया गया प्रकरण अत्यंत गंभीर; गहन जांच होगी ! – देवेन्द्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

देवेन्द्र फडणवीस

नाशिक – यहां बेरोजगार युवतियों को जीविका का प्रलोभन देकर उन्हें जाल में फंसाना, उन पर लैंगिक अत्याचार करना तथा मतांतरण के लिए दबाव डालना, इस प्रकरण में ६ व्यक्तियों को बंदी बनाया गया है । इस विषय में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, ‘‘पुलिस द्वारा उद्घाटित यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है । किसी तकनीकी प्रतिष्ठान में ऐसी घटनाओं का घटित होना स्तब्धकारी है । इस संपूर्ण प्रकरण की गहन जांच की जाएगी ।’’

नाशिक की हिन्दू युवतियों के साथ हुआ छल ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ होने का आरोप !

भारत को ‘गजवा-ए-हिन्द’ बनाने का कोई भी जिहाद सहन नहीं किया जाएगा ! – नितेश राणे, मत्स्य व्यवसाय एवं पत्तन विकास मंत्री

नितेश राणे

मुंबई, ९ अप्रैल (वार्ता) – नाशिक के एक प्रतिष्ठान में १५ हिन्दू पीडित युवतियों ने परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट किया है । भारत को वर्ष २०४७ तक ‘गजवा-ए-हिन्द’ (भारत का इस्लामीकरण) बनाने के लिए विविध प्रकार के जिहाद चलाए जा रहे हैं । यह उद्योग-व्यवसाय क्षेत्र का जिहाद है । महाराष्ट्र में किसी भी प्रकार का जिहाद करने वालों को शासन मुक्त नहीं करेगा । देश को ‘गजवा-ए-हिन्द’ बनाने का कोई भी जिहाद सहन नहीं किया जाएगा, ऐसी चेतावनी मत्स्य व्यवसाय एवं पत्तन विकास मंत्री नितेश राणे ने दी । नाशिक के एक प्रतिष्ठान में हिन्दू युवतियों को मांस खिलाकर तथा नमाज की विवशता कर उनका मतांतरण करने के प्रयास का प्रकरण उजागर हुआ । इस विषय में नितेश राणे ने ९ अप्रैल को पत्रकार परिषद आयोजित कर अपनी भूमिका स्पष्ट की ।

नितेश राणे ने कहा, ‘‘इस प्रकार इस्लाम को कलंकित करने वालों के विरुद्ध मुसलमान समाज आवाज क्यों नहीं उठाता ? वे उनके समर्थन में क्यों आते हैं ? इस प्रकरण में अबू आजमी, जितेंद्र आव्हाड, ओवैसी मौन क्यों हैं ? यदि उनमें साहस है, तो इस विषय में अपनी भूमिका स्पष्ट करें । ‘सत्य को सत्य तथा असत्य को असत्य’ कहने का साहस दिखाएं । यदि किसी अन्य प्रतिष्ठान में हिन्दू माता- बहनों पर अत्याचार हुआ हो, तो वे आगे आकर परिवाद करने का साहस दिखाएं । शासन तथा हिन्दू समाज के रूप में हम उनके साथ हैं ।’’

क्या मुसलमान जिहादियों का पक्ष लें तथा हिन्दू बंधुत्व की रक्षा करें ?

जब इस प्रकरण में बंदी बनाए गए जिहादियों को न्यायालय लाया गया, तब उनके समर्थन में ६०० मुसलमान एकत्रित हुए थे । नितेश राणे ने प्रश्न उपस्थित किया कि, ‘‘आतंकवादी याकूब की अंत्येष्टि में भीड उमडती है, ऐसे जिहादियों के समर्थन में मुसलमान भीड एकत्रित करते हैं, तो क्या केवल हिन्दुओं को ही मुसलमानों के साथ बंधुत्व तथा सर्वधर्मसमभाव बनाए रखना चाहिए ?’’

जिहादी किसी भी सीमा तक जा सकते हैं, अतः हिन्दू सतर्क रहें !

भारत को ‘गजवा-ए-हिन्द’ बनाने का विचार इन जिहादियों के मस्तिष्क में २४ घंटे चलता रहता है । विविध प्रतिष्ठानों के ‘डिलिवरी बॉय’ मुसलमान होने पर वे प्रत्येक खाद्य पदार्थ पर थूकते हैं । वे थूके बिना पदार्थ देते ही नहीं । इसलिए ‘डिलिवरी बॉय’ अथवा ओला, उबेर के चालकों के नाम सुनिश्चित करें । नाशिक की घटना उद्योग-व्यवसाय क्षेत्र का एक प्राथमिक उदाहरण है । जिहाद के लिए वे किसी भी स्तर तक जा सकते हैं । अतः हिन्दुओं को सतर्क रहना चाहिए ।

संपादकीय भूमिका 

  • धर्मनिरपेक्ष भारत में इस्लाम पंथ स्वीकार करने की विवशता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है ।
  • सामान्यतः हिन्दुओं के संदर्भ में छोटीसी घटना होने पर भी कोलाहल करने वाले धर्मनिरपेक्ष, पुरोगामी तथा मानवाधिकारवादी इस प्रकरण में मौन क्यों हैं ? क्या वे मुसलमानों के इन कृत्यों का विरोध कर युवतियों का पक्ष लेंगे ?
  • प्रतिष्ठान के अन्य किसी व्यक्ति ने यह प्रकरण समय रहते उजागर क्यों नहीं किया ?
  • यह प्रकरण धर्मान्धों की इस्लामी, अर्थात् जिहादी मानसिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है !