मुसलमान युवकों द्वारा हिन्दू युवतियों को कठिन समय में सहारा देकर उन्हें अपने वश में करने का प्रयास – Sadhvi Harsha Richhariya

साध्वी हर्षा रिछारिया

भोपाल (मध्य प्रदेश) – महाकुंभ के समय चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की साध्वी हर्षा रिछारिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है । इसमें उन्होंने मोहम्मद अशहर द्वारा भेजे गए ई-मेल्स का उल्लेख करते हुए ‘लव जिहाद’ पर अपना मत रखा है । उनके अनुसार मुसलमान युवक हिन्दू युवतियों को कठिन समय में सहारा देकर उन्हें अपने वश में करने का प्रयास करते हैं ।

वीडियो में साध्वी हर्षा रिछारिया ने कहा कि –

१. मुझे एक व्यक्ति से कुछ ई-मेल मिले । पिछले कुछ दिनों से वह लगातार मुझसे पूछ रहा था कि तुम कैसी हो ?, कहां हो ?, तुम्हारे कोई समाचार नहीं मिल रहे ?, तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक है ?, तुम सोशल मीडिया पर कुछ लिख क्यों नहीं रही हो ?

२. वह व्यक्ति कहता था, “यह सब प्रसिद्धि और फॉलोअर्स बढाने के लिए ठीक है, परंतु अंत में इससे घर नहीं चलता । इससे आमदनी नहीं होती । इसके लिए तुम्हारी आगे की क्या योजना है ?, क्या तुम मुझे बता सकती हो ?”

३. जब किसी व्यक्ति को अपने लोगों के सहारे की आवश्यकता होती है, तब कई बार उसे उपहास तथा आलोचना का सामना करना पडता है । उनके अनुसार इससे व्यक्ति मानसिक और भावनात्मक रूप से निर्बल हो जाता है और कुछ लोग इसका लाभ उठाते हैं ।

हिन्दू युवतियों का ब्रेनवॉश (मनोवैज्ञानिक तरीके सोच में बदलाव)

लव जिहाद करनेवाले मुसलमान युवक हिन्दू युवतियों के सामने ‘सहारा देनेवाले’ के रूप में आते हैं । वे उनके मन में यह विश्वास उत्पन्न करते हैं कि “जब कोई तुम्हारी बात सुनने को तैयार नहीं था, तब मैंने तुम्हें समझा ।” तब उस लडकी को लगता है कि इससे अच्छा मेरे लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता । उसे लगता है कि उसके अपने धर्म के लोग उसे नहीं समझते, उसके अपने लोग उसकी बात नहीं सुनते, तथा यह युवक उसके जीवन में देवदूत बनकर आया है । फिर वह उसके कंधे पर सिर रखकर रोने लगती है, यहीं से ब्रेनवॉश एवं ‘लव जिहाद’ का आरंभ होता है ।