विभाजन के समय हमारे पूर्वजों से भूल न हुई होती, तो समस्त मुसलमान पाकिस्तान में होते ! – Giriraj Singh

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का वक्तव्य

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह

पूर्णिया (बिहार) – विभाजन के समय हमारे पूर्वजों से बहुत बड़ी भूल हुई तथा उसका मूल्य आज देश को चुकाना पड रहा है । वर्ष १९४७ के विभाजन के समय यदि समस्त मुसलमान पाकिस्तान चले गए होते तथा हिन्दुओं को भारत लाया गया होता, तो आज की परिस्थिति उत्पन्न नहीं होती । आज असदुद्दीन ओवैसी जैसे राजनीतिक नेता अस्तित्व में नहीं होते, ऐसा वक्तव्य केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यहां दिया ।

यह वक्तव्य नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के संदर्भ में चल रही चर्चा की पृष्ठभूमि में दिया गया था । इस कानून के समर्थन में बोलते हुए मंत्री सिंह ने भारत में रहने वाले लोगों की नागरिकता के प्रश्न पर वक्तव्य दिया तथा विभाजन के निर्णयों पर प्रश्नचिह्न उपस्थित किया ।

संपादकीय भूमिका 

  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जो सत्य है, वही कहा है । भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था तथा मुसलमानों को पाकिस्तान दिया गया था । जो पाकिस्तान नहीं गए एवं भारत में ही रह गए, उन्हीं के कारण देश में बडी समस्या उत्पन्न हुई है !
  • यदि भारत के मुसलमान पाकिस्तान चले गए होते, तो ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप’ अधिनियम, ‘वक्फ बोर्ड’ अधिनियम जैसे कानून नहीं बने होते । लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे जिहाद नहीं हुए होते । हिन्दुओं की धार्मिक शोभायात्राओं पर आक्रमण नहीं हुए होते, देश में दंगे नहीं होते, हिन्दुओं के कर (टैक्स) का धन मुसलमानों पर व्यय नहीं किया गया होता । दिन में ५ बार मस्जिदों से अजान सुनाई नहीं देती, जनसंख्या का भार नहीं बढ़ा होता तथा ऐसी अनेक समस्याएं उत्पन्न नहीं हुई होतीं !