पहलगाम तथा पुलवामा के आक्रमणों के विषय में मौन धारण करने वाले कश्मीर के मुसलमान ईरान के लिए धन क्यों दे रहे हैं ? – T Raja Singh

  • भाग्यनगर (तेलंगाणा) के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजासिंह का प्रश्न

  • कश्मीर से ५०० करोड रुपये ईरान भेजने की योजना

भाग्यनगर (तेलंगाणा) – जब पहलगाम में आतंकवादियों ने हमारे पर्यटकों का धर्म देखकर उनकी हत्या की थी, तब आप लोग (कश्मीरी मुसलमान) कहां थे ? उनके लिए आपने कितनी दानराशि दी थी ? जब आतंकवादियों ने पुलवामा में सैनिकों की हत्या की थी, तब आप सैनिकों के परिजनों की सहायता के लिए बाहर नहीं निकले थे । वे तो हमारे ही देश के सैनिक तथा नागरिक थे । फिर अब जब एक दूसरे देश में किसी तीसरे देश ने आक्रमण किया तथा वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता की हत्या की, तो भारत में लोग क्यों शोक व्यक्त कर रहे हैं ?, ऐसा संतप्त प्रश्न यहां के गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजासिंह ने पूछा । कश्मीर के मुसलमान ईरान के लिए दान तथा सहायता दे रहे हैं, इस पर उन्होंने यह प्रश्न पूछा ।

टी. राजासिंह ने आगे कहा कि :

१ . ईरान पर अमेरिका तथा इजराइल ने आक्रमण किया तथा वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनी को ७२ हूरों (अप्सराओं) के पास पहुंचा दिया । आक्रमण ईरान में हुआ एवं आक्रमण करने वाला देश दूसरा ही है, फिर भी शोक हमारे देश में क्यों किया जा रहा है ?

२ . कश्मीर में कुछ ऐसे भी मुसलमान हैं, जो ५०० करोड रुपये एकत्रित कर ईरान भेजने की योजना बना रहे हैं ।

३ . हमारी भारत की वीर सेना हमारी रक्षा करती है । आतंकवादी आक्रमण होते हैं, इन आक्रमणों में हमारी सेना के वीर सैनिक हुतात्मा होते हैं, तब आपका यह दुःख कहां चला जाता है ?, यह मैं कश्मीर के मुसलमानों से पूछना चाहता हूं ।

संपादकीय भूमिका

ऐसा प्रश्न केवल टी. राजासिंह ही एकमात्र विधायक पूछ रहे हैं, अन्य मौन क्यों हैं ? क्या उन्हें कश्मीरी मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं की सहायता करने के स्थान पर ईरान को धन भेजना मान्य है, ऐसा समझा जाए ?