सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश) के विभिन्न स्थानों पर आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन

सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश) – ‘‘वर्तमान में समाज का प्रत्येक घटक तनाव से ग्रस्त है । तनाव के कारण शारीरिक एवं मानसिक, दोनों स्तरों पर कष्ट होता है । यह कष्ट दूर करने हेतु शारीरिक एवं मानसिक उपायों सहित आध्यात्मिक स्तर के उपचार भी आवश्यक हैं । हमें यदि जीवन के तनावों से मुक्त होना है, तो हमें साधना करनी चाहिए, साथ ही हमारे अंतर्मन में स्थित स्वभावदोषों पर विजय प्राप्त करने हेतु प्रयास करने चाहिए’’, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने किया । लाला कल्लू मल सेठ द्वारा स्थापित श्री राधाकृष्ण मंदिर में सनातन संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वे मार्गदर्शन कर रहे थे । इस कार्यक्रम में यहां के ‘टैक्स बार एसोसिएशन’ के संरक्षक अधिवक्ता विजय सेठ एवं अध्यक्ष विकास सिंह सहित अन्य ३० अधिवक्ता उपस्थित थे ।
‘रामराजी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर’ विद्यालय में मार्गदर्शन
सुल्तानपुर के ‘रामराजी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर’ विद्यालय में ‘तनावमुक्ति हेतु साधना’ विषय पर सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी का मार्गदर्शन आयोजित किया गया । इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या रेखा सिंह तथा विद्यालय के अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे । संपूर्ण विषय सुनने के उपरांत प्राचार्या रेखा सिंह तथा १०वीं एवं १२वीं कक्षा के छात्रों ने भी ‘तनाव व्यवस्थापन हेतु आध्यात्मिक साधना’ विषय सिखाने की मांग की ।
‘अयोध्या प्रेस क्लब’ में ‘तनावमुक्ति हेतु साधना’ विषय पर मार्गदर्शन

‘अयोध्या प्रेस क्लब’ में भी ‘तनावमुक्ति हेतु साधना’ विषय पर सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी का मार्गदर्शन आयोजित किया गया । इस अवसर पर प्रेस क्लब के सचिव श्री. जयप्रकाश सिंह ने सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी को सम्मानित किया । सनातन संस्था की ओर से आध्यात्मिक ग्रंथों एवं सात्त्विक उत्पादों की यहां प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका अनेक जिज्ञासुओं ने लाभ उठाया ।
अयोध्या
मिलकीपुर के अधिवक्ता पवन शुक्ला ने उनके आवास पर ‘जीवन में आध्यात्मिक साधना का महत्त्व’ विषय पर प्रवचन का आयोजन किया था, जिसमें उनके परिजन एवं परिचित उपस्थित थे । सनातन संस्था की श्रीमती प्राची जुवेकर ने यह प्रवचन लिया ।

प्रतापगढ

चिलबिला के सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों को ईश्वर के नामस्मरण का महत्त्व समझाया गया । इस अवसर पर सुमन सिंह ने शिक्षकों एवं अभिभावकों का ‘जीवन में आध्यात्मिक साधना का महत्त्व’ विषय पर मार्गदर्शन किया ।
क्षणिकाएं
१. चिलबिला के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में बच्चों में अच्छे नैतिक मूल्य अंकित करने का प्रयास किया जाता है । इस विद्यालय में प्रवेश लेते समय प्रत्येक छात्र के माथे पर तिलक लगाया जाता है ।
२. सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी के मार्गदर्शन से विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विभा बहुत प्रभावित हुईं । उन्होंने पुनः ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने की इच्छा व्यक्त की ।
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