पाकिस्तान की बांग्लादेश में कार्रवाई इतिहास के सबसे घृणित नरसंहारों में से एक ! – Bangladesh PM Tarique Rahman

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का दृढ़ मत

ढाका (बांग्लादेश) – वर्ष १९७१ में पाकिस्तानी सेना द्वारा पूर्व पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) में की गई कार्रवाई इतिहास के सबसे घृणित नरसंहारों में से एक थी, ऐसा बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कहा है । २६ मार्च को बांग्लादेश ‘लिबरेशन डे’ के रूप में मनाता है । इसी दिन १९७१ में पूर्व पाकिस्तान स्वतंत्र होकर स्वतंत्र बांग्लादेश का निर्माण हुआ था । ‘लिबरेशन डे’ के दिन इस नरसंहार की घटना का स्मरण करते हुए तारिक रहमान ने पाकिस्तान के सत्ताधारियों को कडा संदेश दिया है ।

१. बांग्लादेश से शेख हसीना को पदच्युत किए जाने के उपरांत वहां की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत का विरोध करते हुए पाकिस्तान के साथ संबंध बढाना प्रारंभ किया था । यूनुस सरकार ने पाकिस्तानी सेना के नरसंहार के विषय को वियुक्त रखते हुए अपने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को इस्लामाबाद भेजा था ।

२. ‘लिबरेशन डे’ के अवसर पर तारिक रहमान ने ‘एक्स’ पर जारी संदेश में पाकिस्तानी सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ चलाकर निहत्थे बांग्लादेशी नागरिकों की क्रूर हत्या की घटना का स्मरण किया ।

३. उनके इस वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि उन्हें पाकिस्तानी सेना की इस निंदनीय कार्रवाई का विस्मरण करना अमान्य है । पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के संबंधों में यह विषय लंबे समय से तनाव का मुख्य कारण रहा है । कई दशकों से बांग्लादेश पाकिस्तान से क्षमा याचना करने की मांग कर रहा है; यद्यपि पाकिस्तानी सेना इसके लिए तैयार नहीं है ।