जे.एन.यू. में यूजीसी के नियम लागू करने की मांग पर छात्रों द्वारा हिंसा

(यूजीसी अर्थात यूनिवर्सिटी ग्रैंट कमिशन – विद्यापीठ अनुदान आयोग)

नई देहली – यहां के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थात जे.एन.यू. में २६ फरवरी की रात को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियम लागू करने के लिए निकाले गए छात्र संगठन के मोर्चे के समय कुछ छात्रों ने देहली पुलिस पर पथराव किया, साथ ही पुलिसकर्मियों पर जूते फेंके गए । इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों को दांत से काटे जाने की भी घटना हुई । इसमें अनेक पुलिसकर्मी घायल हुए । इसके उपरांत पुलिसकर्मियों ने अनेक छात्रों को हिरासत में लिया ।

इस हिंसा पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि, नियम लागू करने की मांग करना सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का उल्लंघन है, जिसके द्वारा बनाए गए नियमों पर रोक लगाई गई थी । विश्वविद्यालय के कुलगुरु अथवा कुलसचिव को इन नियमों पर निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है । (२८.२.२०२६)

संपादकीय भूमिका

  • यूजीसी के नए नियमों पर जहां सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगाई है, वहीं उन नियमों को लागू करने की मांग करनेवाले न्यायालय की अवमानना ही कर रहे हैं । ऐसे छात्रों के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट कर उन्हें कारागृह में ही डाल देना चाहिए !
  • प्रत्येक बार आंदोलन के नाम पर समाजविघातक कृत्य करनेवालों को छात्र कहें अथवा समाजद्रोही ? सरकार ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय से निकाल क्यों नहीं देती ?