अहिल्यानगर की मढी यात्रा में मुसलमान व्यापारियों को व्यवसाय करने पर प्रतिबंध l

  • कुछ मुसलमान व्यापारी मांसाहार करके मंदिर परिसर में आते हैं, ऐसा स्थानीय लोगों द्वारा अभियोग लगाया गया ।

  • मढी क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए ग्रामवासी एकजुट ।

अहिल्यानगर  – पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी यात्रा में मुसलमान व्यापारियों को दुकानें लगाने का विरोध किया गया है । मढी (ता. पाथर्डी) की ग्राम पंचायत ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया है । मढी गांव के सरपंच संजय मरकड ने इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा की । पिछले वर्ष इस निर्णय को लेकर बडा विवाद हुआ था , यह घटना न्यायालय तक भी पहुंची थी। अभी तक अंतिम निर्णय न होने के बाद भी “इस वर्ष भी मुसलमान व्यापारियों को व्यवसाय नहीं करने देंगे,” ऐसा निर्णय पूर्व सरपंच तथा प्रशासक संजय मरकड ने फिर से स्पष्ट किया है ।

पिछले वर्ष मुसलमान व्यापारियों का विरोध करने वाला प्रस्ताव ३२७ मतों से पारित हुआ था । यात्रा-उत्सवों के समय बडी संख्या में पशुओं की हत्या होती है । यह हत्या अब कम हुई है, फिर भी कुछ मात्रा में होती है, तथा यह मुसलमान समाज द्वारा की जाती है । इसलिए मुसलमान समाज को व्यवसाय करने की अनुमति न देने का निर्णय उचित है, ऐसा मत ग्रामवासियों ने व्यक्त किया है ।

“यदि सर्वधर्म-समभाव की भूमिका अपनानी है, तो हमें भी मस्जिद में जाकर कीर्तन करने की अनुमति दी जानी चाहिए ” – संजय मरकड, सरपंच

ग्राम पंचायत के सरपंच संजय मरकड ने कहा कि यात्रा के समय मुसलमान व्यापारियों को अनुमति न देने का निर्णय ग्राम पंचायत ने सोच–समझकर लिया है । कानिफनाथ मंदिर हमारे लिए पवित्र स्थल है । “कुछ मुसलमान व्यापारी मांसाहार करके मंदिर परिसर में आते हैं” ऐसे अभियोग स्थानीय लोगों से बार-बार मिलते रहै हैं । मंदिर परिसर में इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है ऐसी भावना ग्रामवासियों में है । यदि सर्वधर्म-समभाव की भूमिका अपनानी है, तो हमें भी मस्जिद में जाकर कीर्तन करने की अनुमति देनी होगी ऐसा निर्णय उन्होंने व्यक्त किया । स्थानीय धार्मिक परंपराओं तथा ग्रामवासियों की भावनाओं की रक्षा के लिए ही यह प्रस्ताव किया गया है, ऐसा मरकड ने बताया ।

संपादकीय भूमिका 

  • हिन्दुओं की यात्राएं आध्यात्मिक चेतना प्राप्त करने के लिए होती हैं । इसके विपरीत, वहां केवल व्यापार के लिए आने वाले तथा हिन्दू देवताओं में श्रद्धा न रखने वालों को वहां स्थान क्यों दिया जाए ?
  • जो समाज हिन्दुओं की श्रद्धाओं को कुचलता है, उसका हिन्दुओं के पैसों पर कोई अधिकार नहीं । अन्य देवस्थान समितियों तथा ग्राम पंचायतों को भी मढी के इस उदाहरण को सामने रखकर अपने तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए कमर कसनी चाहिए ।