आदिवासियों की भूमि पर अतिक्रमण के विरोध में अनशन पर बैठे लोगों को बंदी बनाए जाने की अवधारणा

हामरेन (असम) – असम के वेस्ट कार्बी आंगलाँग जिले में भूमि को लेकर पुराने विवाद में हिंसा हुई । इसके कारण आंदोलनकारियों ने भाजपा के स्थानीय नेता तथा ‘कार्बी आंगलाँग स्वायत्त परिषद’ के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलिराम रोंगहांग के घर में आग लगा दी । स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देखकर पुलिस ने आंदोलनकारियों को खदेडने के लिए बलप्रयोग किया, जिसमें ३ लोग घायल हुए ।
१. विगत १५ दिन से पेलांगपी परिसर में ९ आंदोलनकारी आरक्षित भूमियों पर किया गया अतिक्रमण हटाने की मांग पर अनशन पर बैठे थे । उनका स्वास्थ्य खराब होने से पुलिस ने उन्हें चिकित्सालय में भर्ती किया । तब अन्य आंदोलनकारी आदिवासियों में अनशन करनेवालों को बंदी बनाए जाने की अवधारणा फैल गई । उससे क्षोभ प्रकट हुआ ।
२. कार्बी आंगलाँग आदिवासीबहुल जिला है । यह जिला संविधान की छठी अनुसूची की कक्षा में अंतर्भूत है । यहां का एक बडा क्षेत्र केवल चराई के लिए आरक्षित है । इस आरक्षित भूमि पर गैरआदिवासियों द्वारा अतिक्रमण करने का आरोप लगाकर स्थानीय संगठन पिछले अनेक दिन से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग पर प्राणांतिक अनशन पर बैठे थे ।
३. रोंगहांग ने यह स्पष्ट किया है कि मूलरूप से यह प्रकरण न्यायालय में प्रविष्ट होने से सरकार अथवा ‘कार्बी आंगलाँग स्वायत्त परिषद’ इसमें सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते ।
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