(और इनकी सुनिए…) “यदि गांधी परिवार आर्थिक सहायता मांगे, तो हम १ सहस्त्र करोड रुपये भी एकत्र कर सकते हैं” – CM Revanth Redddy

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में कथन 

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

भाग्यनगर (तेलंगाना) – यदि गांधी परिवार को आवश्यकता हो तो आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार रहना चाहिए । यदि गांधी परिवार सहायता मांगे, तो मैं १ सहस्त्र करोड रुपये भी एकत्र कर सकता हूं, ऐसा वक्तव्य तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यहां हरिता वैली रिसॉर्ट में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में दिया । इस वक्तव्य के बाद भाजपा तथा भारत राष्ट्र समिति ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी को गांधी परिवार का “एटीएम (स्वचालित नकद वितरण मशीन)” बताया ।

भाजपा की प्रतिक्रिया – मुख्यमंत्री को लज्जा आनी चाहिए ।

जब राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव है, कल्याणकारी योजनाएं लंबित हैं तथा कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है, तब मुख्यमंत्री एक परिवार के लिए धन जुटाने की बात कैसे कर सकते हैं ? मुख्यमंत्री को इस पर लज्जा आनी चाहिए, ऐसा भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एन. वी. सुभाष ने कहा ।

उपमुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण 

इस पर स्पष्टीकरण देते हुए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि मुख्यमंत्री का आशय सामूहिक शक्ति को दर्शाना था, किसी भी प्रकार की अवैध धन एकत्र करने से नहीं । (क्या इस स्पष्टीकरण पर कोई भोला-भाला बच्चा भी विश्वास करेगा ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका 

  • कुछ सप्ताह पहले कांग्रेस से निष्कासित पंजाब की नवजोत कौर ने आरोप लगाया था कि “कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के लिए ५०० करोड रुपये देने पडते हैं ।” अब यह रकम १ सहस्त्र करोड रुपये हो गई है क्या ? मुख्यमंत्री रेड्डी के कथन से ऐसा प्रश्न उठना स्वाभाविक है ।
  • भारत में अनेक राजनीतिक दलों की सरकारों में इस प्रकार धन इकट्ठा करके पार्टी को देना पडता है । जो अधिक धन जुटाकर देता है, उसे पद मिलता है, अन्यथा उसे बाहर कर दिया जाता है । इस ढंग से चलने वाली राजनीति से क्या देश कभी सर्वांगीण प्रगति कर सकता है ? क्या देश भ्रष्टाचारमुक्त हो सकता है ?