श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात देशभर में १ लाख कोटि रुपयों का व्यापार ! – Shri Ram Mandir Turnover

‘आई.आई.एम. लखनऊ’ का प्रतिवेदन प्रसारित

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) – श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिल रही है । ‘आई.आई.एम. लखनऊ’ इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने एक शोध प्रतिवेदन प्रसारित किया है । ‘दि इकोनॉमिक रेनेसॉन्स ऑफ अयोध्या , इंडिया – ए केस स्टडी ऑन राम मंदिर’ नामक इस प्रतिवेदन में श्रीराम मंदिर के कारण पर्यटन आधारित वार्षिक व्यापार १०० अरब रुपयों तक पहुंचने वाला है । साथ ही देशभर में आर्थिक वृद्धि १ लाख करोड रुपयों तक जाने की संभावना है । मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या की पहचान मुख्य रूप से पवित्र तीर्थक्षेत्र तक सीमित थी; परंतु प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात यहां आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है ।

प्रतिवेदन का महत्वपूर्ण सांख्यिकीय विश्लेषण… !

१. पर्यटन, निवेश, रोजगार एवं राजस्व में वृहद् स्तर पर वृद्धि ।

२. आगामी ४-५ वर्षों में पर्यटन, परिवहन एवं आतिथ्य क्षेत्रों में अनुमानतः १ लाख २० सहस्र प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना ।

३. प्रतिदिन २ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करते हैं, वर्षभर में ५-६ करोड श्रद्धालु अयोध्या की यात्रा करते हैं ।

४. स्थानीय हस्तकला, धार्मिक स्मृतिचिह्नों एवं मूर्तियों की मांग में भारी वृद्धि होने से शिल्पकारों एवं स्थानीय उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ ।

५. अनुमानतः ६ सहस्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का प्रारंभ ।

६. दुकानदारों एवं चलित विक्रेताओं (फेरीवालों) की दैनिक आय में पांच गुना वृद्धि ।

संपादकीय भूमिका 

  • हिन्दुओं के मंदिरों एवं अध्यात्म से द्वेष करने वाले तथा केवल आर्थिक संपन्नता के लिए ही प्रयत्न करने का उपदेश देने वाले ढोंगी पुरो(अधो)गामियों से अब हिन्दुओं को इस प्रतिवेदन के आधार पर उत्तर मांगना चाहिए !
  • श्रीराम मंदिर के निर्माण से ऐतिहासिक आर्थिक वृद्धि होते समय अयोध्या की सात्त्विकता, चैतन्य एवं धार्मिकता आदि के संरक्षण तथा संवर्धन की ओर क्या प्रशासन का ध्यान है ? संत शिरोमणि योगी आदित्यनाथ जी इसमें भी ध्यान दें, ऐसी धर्मप्रेमी हिन्दुओं की अपेक्षा है !