
बंदूकें, बारूद विमान आदि सबकुछ आयात किया जा सकता है; परंतु राष्ट्रप्रेमी एवं धर्मप्रेमी नेता कहां से आयात करें ?’’
वर्तमान शिक्षाप्रणाली में विद्यमान अभाव की भरपाई करनेवाला सनातन का बालसंस्कारवर्ग !
‘वर्तमान विद्यालयीन शिक्षा में स्वभावदोषों एवं दुर्गुणों पर कैसे विजय प्राप्त करनी चाहिए, इस विषय में कभी भी सिखाया नहीं जाता । यह वर्तमान शिक्षाप्रणाली का प्रमुख दोष है । अभिभावको, सनातन संस्था अपने बालसंस्कारवर्गों के माध्यम से यह सिखा रही है ।’
सनातन के साधकों की आध्यात्मिक उन्नति तीव्रगति से होने का एक कारण !
‘सनातन द्वारा बताई जा रही गुरुकृपायोग के अनुसार साधना में साधक उनके स्वभावदोष एवं अहं निर्मूलन के लिए प्रयास करते समय सदैव अंतर्मुख होते हैं । उसके कारण उन्हें साधना के लिए अंतर्मन से सहायता मिलती है । उसके फलस्वरूप उनकी आध्यात्मिक उन्नति भी तीव्र गति से हो रही है ।’
अन्य संप्रदाय एवं सनातन संस्था
‘किसी भी संप्रदाय में केवल उस संप्रदाय के संबंध में अथवा उस संप्रदाय के संतों के विषय में लेखन होता है; परंतु सनातन संस्था में संतों के साथ साधकों का भी लेखन होता है ।’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले
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