हिन्दू मंदिरों में अहिन्दुओं के पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध पर पुनर्विचार करें ! – Kerala High Court

  • केरल उच्च न्यायालय का निर्णय

  • केरल के मंदिर में पादरियों को किया गया था आमंत्रित !

तिरुवनंतपुरम् (केरल) – हिन्दू मंदिरों में अहिन्दुओं को प्रवेश देने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के नियम पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, जिससे वह संवैधानिक सिद्धांतों के अनुकूल रहे । धार्मिक स्थलों का नियंत्रण करनेवाले विधायक सामाजिक अस्थिरता अथवा विवाद उत्पन्न करनेवाले सिद्ध न हों, ऐसा केरल उच्च न्यायालय ने निकट भविष्य में दिए गए निर्णय में उल्लेखित किया है ।

हिन्दुओं के उत्सवों के काल में मंदिर में ईसाई धर्मगुरुओं के प्रवेश को चुनौती देनेवाली याचिका न्यायालय ने अस्वीकार कर दी । याचिका अस्वीकार करते समय न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि ‘केरल हिन्दू सार्वजनिक उपासना स्थल नियम, १९६५’ के नियम ३(अ) को वर्तमान स्वरूप में बनाए रखा जाए अथवा धार्मिक हितधारकों से परामर्श करके उसमें संशोधन किया जाए, इस पर विचार करें ।

क्या है प्रकरण ?

७ सितंबर २०२३ के दिन पथानमथिट्टा जिले के अडूर श्री पार्थसारथी मंदिर में श्रीकृष्ण जयंती के उत्सव के समय घटित घटनाओं से यह विवाद उत्पन्न हुआ । उत्सव के भाग के रूप में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मंदिर प्रशासन ने २ ईसाई पादरियों को आमंत्रित किया था । कार्यक्रम के पश्चात उन पादरियों को श्रीकोविल के निकट अर्थात अंतर्गत पूजास्थल के परिसर में ले जाया गया तथा उन्हें भेंट प्रदान की गई । पादरी धार्मिक वेशभूषा में होने के कारण कुछ हिन्दू भक्तों ने इस पर आपत्ति जताई । केरल हिन्दू सार्वजनिक उपासना स्थल अधिनियम, १९६५ तथा उसके अंतर्गत निर्धारित नियमों के अनुसार अहिन्दुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है, ऐसा उनका पक्ष था ।

मंदिर के भक्त सनील नारायणन् नंपूतिथी ने केरल उच्च न्यायालय की शरण ली । मंदिर प्रशासन ने ईसाई पादरियों को प्रवेश देकर विधान का उल्लंघन किया है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया । मंदिर परामर्श समिति के सदस्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, जिसमें पदमुक्ति भी सम्मिलित हो, ऐसी मांग उन्होंने की थी ।

साथ ही मंदिर परिसर में समस्त अहिन्दुओं पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया जाए तथा परिसर की पवित्रता पुनःस्थापित करने के लिए उपचारात्मक धार्मिक विधि करने के निर्देश दिए जाएं, ऐसी भी मांग याचिका में की गई थी ।