यवतमाल में सरकारी उर्दू विद्यालय में छात्रों से पाकिस्तान के गीत पर नृत्य करवाया गया

  • वर्ष १९६५ के भारत–पाकिस्तान युद्ध के समय पाकिस्तान ने अपने सैनिकों तथा नागरिकों को भारत के विरुद्ध भडकाने के लिए इस गीत का प्रयोग किया था ।

  • दोषियों के विरुद्ध देशद्रोह का प्रकरण पंजीकृत करने की भाजपा की मांग ।

  • परिवाद पंजीकृत ।

भाजपा नगरसेवक ने की शिकायत (सौजन्य-नवभारत)

यवतमाल — जिले के उमरखेड स्थित नगरपालिका की अब्दुल गफूर शाह उर्दू विद्यालय क्रमांक २ में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के समय छात्रों से पाकिस्तान के गीत पर नृत्य करवाया गया । इस प्रकरण में भाजपा ने संबंधित लोगों के विरुद्ध देशद्रोह का प्रकरण पंजीकृत करने की मांग की है ।
भाजपा के जिला महामंत्री श्री महेश कालेश्वरकर ने ४ फरवरी को आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी । इस अवसर पर भाजपा के दलनेता श्री. विजय हरडपकर, शहर अध्यक्ष श्री. अतुल खंदारे एवं नगरसेवक श्री. अमोल तीवरंगकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे । इस प्रकरण में भाजपा के नगरसेवक गोपाल कलाने ने उमरखेड पुलिस थाने में परिवाद पंजीकृत कराया है ।

क्या है प्रकरण ?

१. २६ जनवरी की पृष्ठभूमि में ३१ जनवरी को विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था । इसमें ‘ए मर्द-ए-मुजाहिद तेरी यलगार कहां है’ इस पाकिस्तान के युद्धकालीन गीत पर छात्रों से नृत्य करवाया गया ।

२. यह गीत वर्ष १९६५ के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय पाकिस्तान द्वारा अपने सैनिकों तथा नागरिकों को भारत के विरुद्ध भडकाने के लिए उपयोग किया गया था । आज भी यह गीत पाकिस्तान के सैन्य समारोहों में गाया जाता है । भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाले तथा उकसाने वाले शब्दों के कारण इस गीत पर भारत में प्रतिबंध है ।

छात्रों के मन में देशविरोधी विचार बोने का प्रयास – महेश कालेश्वरकर

श्री महेश कालेश्वरकर ने कहा कि,

१. यह निर्दोष छात्रों के मन में जानबूझकर देशविरोधी विचार भरने का प्रयास है । सरकारी विद्यालय में इस तरह के धार्मिक एवं उकसाने वाले गीत बजाना संविधान के अनुच्छेद २८ का उल्लंघन है । इस गीत के माध्यम से तलवार उठाने की भाषा का प्रयोग कर लोगों को उग्र आंदोलन के लिए प्रेरित किया जा रहा है ।

२. कार्यक्रम के समय नगरपालिका के पदाधिकारी, नगराध्यक्ष और शिक्षा सभापति उपस्थित थे, फिर भी किसी ने गीत नहीं रोका, इसका अर्थ है कि उनका इसे अप्रत्यक्ष समर्थन था ।

३. इस घटना के पीछे किसी बडी विचारधारा के सक्रिय होने का संदेह है । संबंधित मुख्याध्यापक, शिक्षक तथा उत्तरदायी (जिम्मेदार) अधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीकृत किए जाने चाहिए तथा इस प्रकरण की गहन जांच होनी चाहिए ।

संपाकीदय भूमिका

  • विद्यालय में पाकिस्तान-प्रेमी शिक्षकों को निलंबित किया जाना चाहिए, साथ ही देशविरोधी मानसिकता को बढावा देने वाले ऐसे विद्यालय की मान्यता भी निरस्त की जानी चाहिए ।
  • छात्रों के मन में देशभक्ति और राष्ट्रभावना उत्पन्न करना तो दूर, उलटे इस माध्यम से उनका इस्लामीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है — ऐसा कहना अनुचित कैसे हो सकता है ?