Budget Bangladesh Aid : भारत द्वारा बांग्लादेश को दिए जाने वाले आर्थिक सहायता में बडी कटौती !

अब केवल ६० करोड रुपये दिए जाएंगे

अर्थमंत्री निर्मला सीतारामन् एवं मोहम्मद यूनुस

नई दिल्ली – भारत सरकार ने वर्ष २०२६-२७ के केंद्रीय बजट में बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता में बडी कटौती की है । इस वर्ष बांग्लादेश के लिए केवल ६० करोड रुपये का प्रावधान रखा गया है । पिछले वर्ष १२० करोड रुपये दिए गए थे । यानी भारत ने बांग्लादेश की सहायता आधी कर दी है । वर्तमान में भारत एवं बांग्लादेश के संबंधों में तनाव उत्पन्न हुआ है । बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के विरुद्ध हो रही हिंसा एवं वहां की विदेश नीति में परिवर्तन, इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं । वर्ष २०२४ में शेख हसीना की सरकार गिरने के उपरांत बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंध दृढ करना आरंभ कर दिया हैं ।

बजट में बांग्लादेश के अतिरिक्त मालदीव को ५५० करोड रुपये तथा म्यांमार को ३०० करोड रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है । (मालदीव ने भी भारत-विरोधी गतिविधियां की थीं । उसे आर्थिक सहायता देकर क्या लाभ होगा ? – संपादक)  इस बजट में भारत ने भूटान के लिए २,२८८ करोड रुपये का प्रावधान रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग १३८ करोड रुपये अधिक है ।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर हमारी लगातार दृष्टि ! – विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे आक्रमणों के समाचार पर लगातार दृष्टि रखे हुए है । इन आक्रमणों में उनके घरों, दुकानों, संपत्तियों एवं प्रार्थनास्थलों को लक्ष्य बनाया गया है, ऐसा विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया । भारत ने कई बार राजनीतिक एवं राजनयिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार के सामने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का सूत्र उठाया है । प्रधानमंत्री मोदी ने ४ अप्रैल २०२५ को बांग्लादेश के मुख्य परामर्शदाता (सलाहकार) मोहम्मद यूनुस से भेंट के दौरान यह सूत्र उठाया था, ऐसा विदेश राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया ।

बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों में घनिष्ठता !

बांग्लादेश की वर्तमान सरकार पाकिस्तान के साथ संबंध दृढ करने में जुटी हुई है । दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष मालवाहक जहाज सेवा आरंभ हो गई है । कुछ दिन पूर्व ही ढाका से एक विमान कराची पहुंचा, जिससे १४ वर्षों के उपरांत दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष हवाई सेवा फिर से आरंभ हो गई है ।

संपादकीय भूमिका

बांग्लादेश की भारत-विरोधी गतिविधियों को देखते हुए उसे ६० करोड रुपये भी नहीं देने चाहिए, ऐसा ही राष्ट्रप्रेमी भारतीयों को लगता है ! बांग्लादेश पर यह पैसा व्यय करने की अपेक्षा भारत के हिन्दुओं पर यह राशि व्यय की जानी चाहिए !