चारधाम में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध उचित है ! – Uttarakhand Waqf Board Chairman

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स का वक्तव्य

देहरादून (उत्तराखंड) – किसी भी धार्मिक स्थल का मूल उद्देश्य श्रद्धा एवं भक्ति होता है । जहां किसी व्यक्ति की श्रद्धा नहीं होती, वहां जाने से उद्देश्य पूरा नहीं होता तथा समाज को भी कोई सकारात्मक संदेश नहीं मिलता । ऐसे प्रकरणों में अनावश्यक टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है । इसलिए जिनकी आस्था सनातन धर्म के तीर्थस्थलों से जुडी नहीं है, उनके ऐसे स्थानों पर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना पूरी तरह उचित है, ऐसा बयान उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने दिया है ।

वे चारधाम यात्रा में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर बोल रहे थे । बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चारधाम में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के प्रस्ताव का विरोध आरंभ होने के बीच शम्स का यह वक्तव्य महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है ।

शादाब शम्स

यात्रा के समय अप्रिय घटना हुई तो देश का वातावरण बिगड सकता है !

शम्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश के विरुद्ध निरंतर षड्यंत्र किए जा रहे हैं । जो लोग षड्‌यंत्र करते हैं, वे कभी नहीं चाहेंगे कि चारधाम यात्रा जैसी बडी एवं शांतिपूर्ण व्यवस्था सफल हो । यदि यात्रा के समय कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका दोष गैर-हिन्दुओं पर थोपा जा सकता है, जिससे सामाजिक सौहार्द को हानि पहुंचेगी । (यदि गैर-हिन्दुओं द्वारा ऐसे कृत्य किए गए हों, तो उन पर दोष क्यों न लगाया जाए ? – संपादक)

देश में शांति एवं सौहार्द बनाए रखना आवश्यक !

शम्स ने आगे कहा कि गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का निर्णय किसी भी समुदाय के विरोध में नहीं है, अपितु देश में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक है । ऐसे निर्णय भावनाओं में बहकर नहीं, अपितु सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए ।

प्रस्ताव में क्या है ?

१. चारधाम सहित ५० मंदिरों में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध

उत्तराखंड के चारधाम—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री—सहित मंदिर समितियों के अंतर्गत आने वाले कुल ५० मंदिरों में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध शीघ्र ही लागू हो सकता है । इस संबंध में सरकार एवं मंदिर समितियों के बीच सहमति बन गई है ।

२. सिख, जैन एवं बौद्ध धर्मावलंबियों को छूट

यह प्रतिबंध सिख, जैन तथा बौद्ध धर्म के अनुयायियों पर लागू नहीं होगा । मंदिर समितियों का कहना है कि इन धर्मों को हिन्दू परंपरा की ही शाखाओं से जुडा माना जाता है ।

३. गंगोत्री धाम में सर्वसम्मति

गंगोत्री मंदिर समिति ने बैठक में सर्वसम्मति से मंदिर एवं गंगा घाटों पर गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है । समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि सिख अनुयायियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा । शीघ्र ही इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी ।

कानूनों का अध्ययन जारी है ! – मुख्यमंत्री धामी

इस प्रतिबंध के संदर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धामों के संचालन से जुडी धार्मिक संस्थाओं, तीर्थ पुरोहितों एवं संत समाज के मत के आधार पर ही सरकार आगे का निर्णय लेगी । इन स्थलों के लिए पहले से स्थित कानूनों का अध्ययन किया जा रहा है तथा उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा ।