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मुंब्रा (जिला ठाणे) — ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन – अखिल भारतीय मुस्लिम एकता संघ) की नवनिर्वाचित नगरसेविका सहर शेख ने पुलिस के समक्ष अपना लिखित क्षमायाचना पत्र प्रस्तुत किया है । उन्होंने यहां हुई एक सभा में उत्तेजित करने वाले वक्तव्य दिए थे । इस प्रकरण में भा.ज.पा. नेता किरीट सोमय्या, विधायक निरंजन डावखरे सहित बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद द्वारा पुलिस में आरोप प्रविष्ट करवाने के उपरांत पुलिस जांच की गई । इसके पश्चात सहर शेख ने क्षमायाचना पत्र दिया । इस संबंध में पुलिस ने आरोप कर्ताओं को लिखित रूप में सूचित किया है । क्षमा याचना स्वीकार किए जाने के उपरांत यह प्रकरण अभिलेखों में प्रविष्ट (प्रकरण बंद कर) किया गया है ।
📢 Apology is Not Enough: Accountability Matters
Newly elected AIMIM Corporator Sahar Shaikh submits a written apology to the police for her recent remarks.
But is a mere “sorry” sufficient?
Beyond the Apology:
🔹 The administration must probe the motive behind such… https://t.co/7XqkNMchEE pic.twitter.com/6j49gzK9KV— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 24, 2026
“भविष्य में यदि इस प्रकार का कोई वक्तव्य दिया गया, तो संबंधितों के विरुद्ध कडी कानूनी कार्रवाई की जाएगी,” ऐसी जानकारी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे ने सोमय्या को लिखित रूप में दी है ।
क्षमा पत्र में सहर शेख ने क्या कहा ?मुंब्रा में हुई सभा में मेरे द्वारा प्रयुक्त वाक्य पार्टी के झंडे और निशान के संदर्भ में थे । किसी की भावना आहत करने या सामाजिक वातावरण दूषित करने का मेरा कोई उद्देश्य नहीं था । हम तिरंगे के लिए जिएंगे एवं तिरंगे के लिए ही मरेंगे। यदि मेरे वक्तव्य से किसी की भावनाएं आहत हुई हों, तो मैं उनसे सार्वजनिक रूप से तथा लिखित रूप में क्षमा मांगती हूं । |
संपादकीय भूमिकाकेवल क्षमायाचना करने से प्रकरण समाप्त हो गया, ऐसा नहीं है; अपितु प्रशासन को यह भी जांच करनी चाहिए कि जनप्रतिनिधियों ने ऐसे वक्तव्य क्यों दिए ? इसके पीछे उनका उद्देश्य क्या था ? लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भले ही हो, किन्तु उत्तेजित करने वाले वक्तव्यों के लिए कोई स्थान नहीं है, यह ध्यान में रखा जाना चाहिए! जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक मूल्यों तथा उनके सामाजिक दायित्वों का बोध कौन कराएगा ? |
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