
मुंबई, १६ जनवरी (समाचार) – कर्णावती (गुजरात) के, सनातन के १२७ वें संत श्रीपाद नरहर हर्षे (९१ वर्ष) का १५ जनवरी को दोपहर २:३० बजे देह त्याग हुआ । उन्होंने २ नवंबर, २०२३ को संतत्व प्राप्त किया था । उनका अंतिम संस्कार १६ जनवरी को किया गया । सनातन संस्था के माध्यम से साधना शुरू करने के पश्चात, उन्होंने समाज में जाकर अध्यात्म का प्रसार करना, पुस्तक प्रदर्शनी लगाना, साधकों से मिलकर उन्हें साधना के संदर्भ में मार्गदर्शन करना, सत्संग लेना तथा ग्रन्थ लेखा अहवाल बनाना जैसी विभिन्न सेवाएं कीं । उनके परिवार में उनकी पत्नी शीला हर्षे (आध्यात्मिक स्तर ६७ प्रतिशत), चार बेटियां, दामाद, पोते-पोतियां तथा परपोते-परपोतियां हैं ।
Passive Euthanasia : निष्क्रिय इच्छामृत्यु पर निर्णय लेने के लिए महाराष्ट्र में समितियों का गठन होगा ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
हरियाणा में सनातन संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क सनातन संस्कार प्रशिक्षण शिविर संपन्न