India-U.S. Trade Deal : (और इनकी सुनिए …) ‘मोदी द्वारा ट्रम्प को दूरभाष न करने से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लंबित रहा !’

अमेरिका के वाणिज्यिक सचिव हॉवर्ड लुटनिक का दावा

हॉवर्ड लुटनिक

वॉशिंग्टन (अमेरिका) – अमेरिका के वाणिज्यिक सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने यह दावा किया है कि भारत-अमेरिका के मध्य का व्यापार समझौता किसी नीतिगत मतभेदों के कारण नहीं, अपितु भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प को दूरभाष न करने से लंबित है । इसके कारण ट्रम्प के अहंकार को चोट लगी है, ऐसा भी उन्होंने बताया ।


लुटनिक ने आगे कहा कि,

१. दोनों देशों के मध्य का व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में था । इस पर बातचीत पूरी करने के लिए भारत को ‘तीन शुक्रवारों’ की समयसीमा दी गई थी । ट्रम्प स्वयं इस समझौते के अंतिम रूप देने के इच्छुक थे; परंतु नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें दूरभाष न किए जाने से यह समझौता आगे नहीं बढ पाया ।

२. इसके परिणामस्वरूप अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलिपींस एवं विएतनाम के साथ व्यापार समझौता किया । इसके विपरीत ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा ट्रम्प को दूरभाष करने के तुरंत उपरांत अमेरिका एवं ब्रिटेन के मध्य व्यापार समझौता हुआ ।

३. भारत के लिए इससे पूर्व रखी गए शर्तें अब लागू नहीं होंगी । भविष्य में यदि इन दोनों देशों में समझौता हुआ, तब भी भारत को नई एवं कठिन शर्ताें का सामना करना पड सकता है ।

रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर ५० प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है । भारत ने इस निर्णय को अनुचित बताकर यह शुल्क तुरंत निरस्त करने की मांग की है । इस विषय पर भले ही दोनों देशों में बातचीत चल रही हो, तब भी व्यापार समझौता अब तक लंबित है ।

संपादकीय भूमिका

क्या लुटनिक को ऐसा लगता है कि ट्रम्प उन्हें जब चाहेंगे, तब भारत पर ५० प्रतिशत आयात शुल्क लगाएं तथा भारत उन्हें संतुष्ट रखने के लिए उनके तलुवे चाटे ? ट्रम्प के विचित्र स्वभाव को देखते हुए इस समझौते के संदर्भ में भारत को चतुराई से कदम उठाने की आवश्यकता है !