( और इनकी सुनिए) ‘अगर मुसलमानों ने अपना संयम खो दिया, तो देश में पल भर में दंगे हो जाएंगे !’

बांग्लादेशी खिलाडी के विरोध पर मौलाना साजिद रशीदी का वक्तव्य

(मौलाना का अर्थ है इस्लाम का जानकार)

नई दिल्ली – कुछ लोगों को बिना संविधान समझे विरोध करने की आदत हो गई है । जहां भी मुसलमान का नाम सुनाई देता है, वहां विरोध करना आसान होता है । शाहरुख खान मुसलमान हैं, बांग्लादेशी खिलाडी मुसलमान हैं ; तो विरोध तो होगा ही । इससे मुसलमानों के विरुद्ध नफरत सामने आ रही है । मुसलमानों के विरुद्ध बोलने वाले अब शाहरुख खान के निर्णय पर प्रश्न उठा रहे हैं । ऐसे लोग धर्म के नाम पर नफरत फैलाते हैं । ‘अखिल भारतीय इमाम संघठन ‘ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने चेतावनी दी है कि अगर मुसलमान अपना संयम खो देंगे तो देश में पल भर में दंगे भडक सकते हैं । इंडियन प्रीमियर लीग (आय.पी.एल) क्रिकेट प्रतियोगिता में शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स संघ द्वारा क्रय किए गए बांग्लादेशी खिलाडी मुस्तफिजुर रहमान का विरोध हो रहा है । इसी पर रशीदी ने यह वक्तव्य दिया ।

रशीदी ने प्रश्न उठाया कि क्रिकेट संघ शाहरुख खान का है । वह किसे खेलने देते हैं या नहीं, इससे दूसरों को क्या असर पडता है ? यदि कुछ भी गैर-संवैधानिक है तो सरकार कार्यवाही करेगी । विरोध करने वालों की क्या योग्यता है ? (कट्टर मुसलमान तथा उनके धार्मिक नेता जो संविधान के नाम पर हर तरह के देश-विरोधी एवं हिन्दू-विरोधी काम करने का प्रयास कर रहे हैं ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • मौलाना रशीदी कह रहे हैं कि भारत में दंगे हमेशा धार्मिक कट्टरपंथी करते हैं । मुसलमान कभी संयम नहीं दिखाते, वे हमेशा ‘सर तन से जुदा’ (सिर कलम करने) के नारे लगाकर देश में अशांति फैलाते हैं । हिन्दुओं को यह समझना चाहिए कि हिन्दू ऐसी मानसिकता वाले लोगों के साथ कभी भी , सभी धर्मों के साथ मिलजुलकर रहने वाला व्यवहार नहीं दिखा सकते !

  • ऐसे वक्तव्य देने वाले मौलानाओं पर अपराध लिखित करके उन्हें कारावास में डाल देना चाहिए !