HALAL Ban Demand : मांसाहारी उत्पादों के अतिरिक्त हलाल प्रमाणपत्र के उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं !

भाजपा सांसद प्रो. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी की ‘FSSAI’ से स्पष्ट मांग

(एफ्.एस्.एस्.ए.आय. (FSSAI) अर्थात भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण)

जीत पुन्हानी को लिखित ज्ञापन देते हुए मेधा कुलकर्णी

नई दिल्ली – भारत में बढते हलाल प्रमाणीकरण का अनियंत्रित प्रसार एक गंभीर चिंता का विषय है । यह प्रमाणीकरण मांसाहारी पदार्थों से आगे बढकर आटा, शाकाहारी खाद्य पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics), दवाओं जैसे सामान्य उत्पादों के लिए भी लेने हेतु विवश किया जा रहा है । इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम का वातावरण है । साथ ही, यह कृत्य एक समानांतर एवं निजी प्रमाणीकरण व्यवस्था को प्रोत्साहन देकर पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व (Accountability) के सिद्धांतों के विरुद्ध है । इसलिए, मांसाहारी उत्पादों के अतिरिक्त हलाल प्रमाणपत्र के उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं, ऐसी मुखर मांग पुणे की भाजपा सांसद प्रो. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी ने ‘FSSAI’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजीत पुन्हानी को लिखित ज्ञापन सौंपकर की है ।

सांसद मेधा कुलकर्णी की मुख्य मांगें :

हलाल प्रमाणीकरण केवल सरकार या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा ही दिया जाना चाहिए । यह केवल मांस एवं मांस-आधारित उत्पादों तक ही सीमित रहना चाहिए । मांसाहारी उत्पादों के अतिरिक्त इसका उपयोग तत्काल बंद होना चाहिए । उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण, निष्पक्ष व्यापार तथा भारत के बाजार के धर्मनिरपेक्ष एवं तटस्थ स्वरूप को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई अत्यंत महत्त्वपूर्ण है ।

‘हलाल’ प्रमाणपत्र क्या है ?

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इस्लाम के अनुसार ‘हलाल’ का अर्थ है—वह जो वैध (Permissible) है । पहले ‘हलाल’ केवल मांस तक सीमित था; परंतु अब कट्टरपंथियों को अपनी स्वतंत्र अर्थव्यवस्था खडी करनी है, इसलिए आवास संस्थाओं, दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों आदि विभिन्न चीजों के लिए भी ‘हलाल’ प्रमाणपत्र (अर्थात ‘यह इस्लाम के अनुसार प्रमाणित है’) लेना पडता है । इसके लिए कुछ निजी इस्लामी संगठन कार्यरत हैं । उनके द्वारा स्वीकृत प्रमाणपत्र को ही ‘हलाल’ प्रमाणपत्र कहा जाता है । देश की प्रचलित अर्थव्यवस्था को निर्बल (कमजोर) करने एवं एक समानांतर इस्लामी अर्थव्यवस्था खडी करने के लिए कट्टरपंथियों द्वारा ‘हलाल’ प्रमाणपत्र के माध्यम से रचा गया यह एक बडा षड्यंत्र है ।

संपादकीय भूमिका 

इस मांग को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने के लिए हिन्दू जनता को अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को ऐसी मांग करने के लिए विवश करना चाहिए । ध्यान दें कि इसी प्रकार यह एक जन-आंदोलन बनेगा तथा ‘हलाल’ पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकेगा !