भाजपा सांसद प्रो. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी की ‘FSSAI’ से स्पष्ट मांग
(एफ्.एस्.एस्.ए.आय. (FSSAI) अर्थात भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण)

नई दिल्ली – भारत में बढते हलाल प्रमाणीकरण का अनियंत्रित प्रसार एक गंभीर चिंता का विषय है । यह प्रमाणीकरण मांसाहारी पदार्थों से आगे बढकर आटा, शाकाहारी खाद्य पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics), दवाओं जैसे सामान्य उत्पादों के लिए भी लेने हेतु विवश किया जा रहा है । इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम का वातावरण है । साथ ही, यह कृत्य एक समानांतर एवं निजी प्रमाणीकरण व्यवस्था को प्रोत्साहन देकर पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व (Accountability) के सिद्धांतों के विरुद्ध है । इसलिए, मांसाहारी उत्पादों के अतिरिक्त हलाल प्रमाणपत्र के उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं, ऐसी मुखर मांग पुणे की भाजपा सांसद प्रो. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी ने ‘FSSAI’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजीत पुन्हानी को लिखित ज्ञापन सौंपकर की है ।
हलाल सर्टिफिकेशन पर सख्त नियम जरूरी: केवल मांस उत्पादों तक सीमित रहे, केवल सरकारी एजेंसियाँ जारी करें।
मैंने FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राजीत पुन्हानी जी को एक पत्र सौंपकर भारत में बढ़ते हलाल सर्टिफिकेशन के अनियंत्रित विस्तार पर गंभीर चिंता व्यक्त की। pic.twitter.com/zR17P4zhKx
— Dr. Medha Kulkarni (@Medha_kulkarni) December 27, 2025
सांसद मेधा कुलकर्णी की मुख्य मांगें :
हलाल प्रमाणीकरण केवल सरकार या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा ही दिया जाना चाहिए । यह केवल मांस एवं मांस-आधारित उत्पादों तक ही सीमित रहना चाहिए । मांसाहारी उत्पादों के अतिरिक्त इसका उपयोग तत्काल बंद होना चाहिए । उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण, निष्पक्ष व्यापार तथा भारत के बाजार के धर्मनिरपेक्ष एवं तटस्थ स्वरूप को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई अत्यंत महत्त्वपूर्ण है ।
संपादकीय भूमिकाइस मांग को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने के लिए हिन्दू जनता को अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों को ऐसी मांग करने के लिए विवश करना चाहिए । ध्यान दें कि इसी प्रकार यह एक जन-आंदोलन बनेगा तथा ‘हलाल’ पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकेगा ! |

बहू का लगातार यौन शोषण करनेवाले ससुर जाकिर के गुप्तांग पर बहू ने धारदार हथियार से किया आक्रमण
गूगल का ‘जेमिनी’ एआई प्लेटफॉर्म ‘जय श्रीराम’ का उत्तर देता है, तो ‘सिरी’ ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? – हिन्दुत्वनिष्ठों का प्रश्न
RBI Polymer Notes : प्लास्टिक के नोट प्रचलन में लाने पर रिजर्व बैंक विचार कर रहा है ।
Punjab Extortion Case : पंजाब पुलिस द्वारा बलपूर्वक वसूली के मामले में पुलिस निरीक्षक को बंदी बनाया
Kerala Court Waqf Board : केरल उच्च न्यायालय द्वारा राज्य वक्फ बोर्ड पर नीतिगत निर्णय लेने पर रोक I
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed