सुराज्य अभियान की प्रशासन ने मांग

मुंबई – समाज कल्याण हेतु कार्यरत ‘सुराज्य अभियान’ के निरीक्षण में महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम एवं परिवहन विभाग की दृष्टि से यात्रियों से संबंधित अत्यंत गंभीर समस्या ध्यान में आई है । यात्रियों को गाडियों की अद्यत जानकारी मिले, इसके लिए प्रत्येक डेपो में आधिकारिक दूरभाष संपर्क क्रमांक उपलब्ध कराए गए हैं; परंतु राज्य के अनेक बस डेपो तथा उनके नियंत्रण कक्ष के आधिकारित लैंडलाईन दूरभाष क्रमांक लंबे समय तक अकार्यक्षम रहना, उनके निष्क्रिय होने का संदेश मिलना अथवा कॉल करने पर कोई भी प्रत्युत्तर न मिलने जैसी घटनाएं निरंतर हो रही है । सिंधुदुर्ग जिले के कुडाळ, देवगढ, विजयदुर्ग, तरळा, वैभववाडी, वेंगुर्ले, साथ ही नासिक जिले के मालेगांव, देवळा, पेठ, त्र्यंबकेश्वर आदि स्थानों से, साथ ही महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से इसी प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं । प्रशासन को इसकी ओर तुरंत ध्यान देना अति आवश्यक है, ऐसी मांग सुराज्य अभियान के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक श्री. अभिषेक मुरुकटे ने प्रशासन से की है । महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम के अध्यक्ष श्री. प्रताप सरनाईक; उपाध्यक्ष तथा प्रबंधकीय निदेशक डॉ. माधव कुसळकर तथा महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त श्री. विवेक भिमनवार को इस मांग का ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।

ज्ञापन में कहा गया है कि,
१. संपर्क की समस्याओं के कारण यात्रियों को क्या बस का प्रस्थान हुआ है ? क्या बस के प्रस्थान में विलंब होनेवाला है ? क्या बस निरस्त हुई है ? आगे की बस कब मिलेगी ? जैसी मूलभूत जानकारी के लिए विश्वसनीय संपर्क उपलब्ध नहीं होता । इसका सबसे अधिक कष्ट वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों, श्रमिकों तथा आपातकालीन यात्रा करनेवाले नागरिकों को होता है ।
२. यह समस्या केवल तकनीकी नहीं है, अपितु निगम की सेवा-विश्वसनीयता पर सीधा परिणाम करनेवाली तथा सार्वजनिक हित को बाधा उत्पन्न करनेवाली है।
३. सरकार एवं महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम के द्वारा सार्वजनिक यातायात के क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता तथा यात्रियों का हित सुरक्षित रहे, यही हमारी अपेक्षा है ।
सुराज्य अभियान की मांगें !१. राज्य के सभी बस डेपो के लैंडलाईन दूरभाषों में तुरंत सुधार कर उन्हें २४ घंटे कार्यरत रखा जाए । २. प्रत्येक डेपो एवं नियंत्रण कक्ष के लिए स्थाई लैंडलाईन दूरभाष, साथ ही एक आधिकारिक चल दूरभाष क्रमांक उपलब्ध किया जाए । ३. निगम के आधिकारिक जालस्थल पर तथा सूचना फलकों पर कार्यरत एवं अद्यत संपर्क क्रमांकों की सूची प्रकाशित की जाए । ४. निष्क्रिय दूरभाष क्रमांक अथवा कॉल का उत्तर न देने को सेवा में त्रुटि मानकर संबंधित अधिकारी का प्रशासनिक दायित्व सुनिश्चित किया जाए । ५. डेपो के संपर्क प्रणाली के गुणवत्ता की प्रति तीन महिने के पश्चात पडताल की जाए । ६. जिलानिहाय आपातकालीन हेल्पलाईन को सक्रिय कर उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए । ७. नियंत्रण कक्ष के सेवा-गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु कॉल ध्वनिमुद्रण एवं मॉनिटरींग प्रणाली लागू की जाए । |
संपादकीय भूमिकाऐसी मांग करने की स्थिति ही क्यों आती है ? यह दुःस्थिति महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम के ध्यान में कैसे नहीं आती ? |
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