Shankhnad Mahotsav Delhi : भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए भारत का ‘विकृत सामग्री मुक्त देश’ बनना आवश्यक है ! – उदय माहुरकर, पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त तथा संस्थापक, ‘सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन’

देहली सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव

उदय माहुरकर

भारत मंडपम्, देहली – भारतीय संस्कृति का जो विध्वंस विदेशी मुसलमान आक्रमणकारी नहीं कर पाए, वह काम वर्तमान में ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म’ (ऐप के माध्यम से फिल्म, सीरियल आदि कार्यक्रम देख पाना) के माध्यम से भारी मात्रा में हो रहा है । देश में होनेवाले ८० प्रतिशत बलात्कार इसी अश्लील प्रसारण के कारण हो रहे हैं । भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए ऐसे प्रसारण पर प्रतिबंध लगाकर भारत को विश्व का ‘पहला विकृत सामग्री मुक्त देश’ बनना चाहिए । यदि हमें रामराज्य, महाराणा प्रताप अथवा छत्रपति शिवाजी महाराज के सपनों का स्वराज्य स्थापित करना है, तो बलात्कार करनेवाले को मृत्युदंड, साथ ही अश्लील साहित्य प्रसारित करनेवाले, शासकीय अधिकारियों की नियुक्तियों एवं स्थानांतरणों के लिए पैसे लेने वाले, खाद्य पदार्थों में मिलावट करनेवाले तथा प्रदूषण न रोकनेवाले कारखानों के मालिकों को न्यूनतम १०-२० वर्ष कठोर दंड मिलना आवश्यक है, ऐसे विचार पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त श्री. उदय माहुरकर ने सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के व्यासपीठ (मंच) से रखे । सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के विषय में अपनी भूमिका रखते हुए उन्होंने ये विचार व्यक्त किए ।

उन्होंने कहा, “पिछले ७ महीनों में बहन पर भाई द्वारा बलात्कार की १५, तथा पिता द्वारा बेटी पर बलात्कार की १० घटनाएं हुई हैं । आंध्र प्रदेश में १ वर्ष में एक जिले में २२० बलात्कार की घटनाएं हुईं । उनमें से अधिकांश आरोपी नाबालिग थे । सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लीलता का प्रसारण रोकने के लिए मोबाइल कंपनियों को ‘एआई’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) विशेषज्ञों के माध्यम से प्रतिबंध लगाने के लिए बाध्य करना संभव है ।”

इस महोत्सव से महान भारत की संकल्पना का आरंभ ! – उदय माहुरकर

उदय माहुरकर

शंखनाद महोत्सव एक अद्वितीय महोत्सव है । इसके माध्यम से पिछले ७० वर्षों में छत्रपति शिवाजी महाराज का योगदान महाराष्ट्र के बाहर पहुंचाने का कार्य पहली बार हो रहा है । यह महोत्सव देश के लिए एक बडा संदेश लेकर आया है । मेरी महान भारत की जो संकल्पना है, उसका आरंभ आज से हुआ है, ऐसा मुझे लगता है ।