Ram Mandir Dhwajarohan : (और इनकी सुनिए…) ‘भारत में अल्पसंख्यकों को दबाने का प्रयास !’ – पाकिस्तान

श्रीराम मंदिर के ध्वजारोहण पर पाकिस्तान की तिलमिलाहट !

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण एवं ध्वजारोहण भारत में अल्पसंख्यकों को दबाने का एक प्रयत्न है एवं मुसलमानों के धार्मिक स्थलों को इच्छा पूर्वक हानि पहुंचाने का प्रयास है — ऐसा विलाप पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने किया । बाबरी ढांचे को ध्वस्त किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए उसने बाबरी को ‘ऐतिहासिक उपासना स्थल’ बताया ।

संयुक्त राष्ट्र से किया गया आवाहन

पाकिस्तान ने भारत में कथित इस्लामोफोबिया (इस्लाम के प्रति द्वेष), आपत्तिजनक वक्तव्य एवं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का उल्लेख करते हुए संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप करने की मांग की है । भारत में मस्जिदों एवं इस्लामी सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा का दायित्व स्वीकार करने का भी आह्वान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने किया है । (किन्तु कठपुतली जैसे संयुक्त राष्ट्र को चाहिए कि वह इस विषय में हस्तक्षेप करने का विचार भी न करे — एवं यदि उसने ऐसा किया, तो भारत की ओर से कठोर उत्तर मिलेगा ! अपितु भारत की मांग होगी कि संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान में हिन्दू मंदिरों, अहमदिया पंथ के मुसलमानों की मस्जिदों पर हस्तक्षेप करे ! – संपादक)

पाकिस्तान में हिन्दू मंदिरों की दुर्दशा !

जब पाकिस्तान बाबरी ढांचे पर मगर के अश्रु बहाता है, तब अपने देश में हिन्दू मंदिरों की वर्षों से हो रही दुर्दशा पर मौन साधे रहता है । पाकिस्तान में स्थित शारदा पीठ, कराची के डेढ सौ वर्ष पुरातन जगन्नाथ मंदिर, रावलपिंडी में १९३० में निर्मित मोहन मंदिर जैसे कई हिन्दू तीर्थ स्थलों पर मुसलमानों ने अवैध नियंत्रण कर लिया है एवं वे मंदिर अब विलुप्त होने की कगार पर हैं । इन सब पर पाकिस्तान सरकार ने कभी कुछ भी बोला ?, किन्तु भारत की मस्जिदों पर ‘खतरा’ है, यह कह रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका 

भारत पाकिस्तान के इस विलाप की लेशमात्र भी चिंता नहीं करता ! पाकिस्तान को बाबरी को लेकर छाती पीटने की जगह अपने देश के हिन्दू मंदिरों की दुर्दशा पर बोलना चाहिए !