Delhi Blast ED Raid : दिल्ली बम विस्फोट प्रकरण में ‘ईडी’ द्वारा ‘अल फलाह ट्रस्ट’ से संबंधित २४ स्थानों पर छापे

(ईडी – प्रवर्तन निदेशालय – Enforcement Directorate)

नई दिल्ली – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के ओखला स्थित ‘अल-फलाह ट्रस्ट’ एवं फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय से संबंधित २४ स्थानों पर छापे मारे । यह कार्रवाई आर्थिक अनियमितता (वित्तीय गडबडी) के अंतर्गत की गई ।

१. प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि अल-फलाह समूह से संबंधित ९ कंपनियां एक ही पते पर पंजीकृत हैं तथा ये सहायक कंपनियां (डमी कंपनियां) हो सकती हैं । दिए गए पते पर कोई कार्यालय नहीं मिला, साथ ही बिजली एवं पानी के उपयोग का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला । (यह पहले क्यों नहीं जांच की गई ? संबंधित अधिकारी सो रहे थे या भ्रष्टाचार के कारण उन्होंने अनदेखी की ?, इसकी भी जांच होनी चाहिए ! – संपादक)

२. कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर एवं ईमेल पता प्रयोग में लाया गया था । कंपनी के कामकाज के संबंध में कोई कागदपत्र (दस्तावेज) नहीं मिले; तथापि, कागजों पर इन कंपनियों को ‘बडी संस्थाओं’ के रूप में दिखाया गया था ।

३. कई कंपनियों में एक ही निदेशक तथा अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) सामान्य पाया गया । बैंक खातों के रिकॉर्ड में वेतन बहुत कम दिखाई दिया । लगभग सभी कंपनियां एक ही पद्धति से स्थापित की गई थीं एवं उनके संपर्क विवरण भी समान थे ।

४. जांच में अल-फलाह समूह द्वारा यू.जी.सी. (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) एवं नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल – राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) मान्यता संबंधी किए गए दावों पर भी प्रश्न उठे हैं तथा संबंधित संस्थाओं से जानकारी मांगी जा रही है ।

५. अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से महत्त्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा विभिन्न डिजिटल उपकरण अधिग्रहित किए गए हैं ।

६. कुछ महीने पहले ईडी ने अल-फलाह विश्वविद्यालय एवं उसके निदेशकों के विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट किया था । आरोप था कि विश्वविद्यालय एवं ट्रस्ट के नाम पर करोडों रुपये के अवैध दान प्राप्त हुए, साथ ही विदेशी दान नियमों का उल्लंघन हुआ । संपत्ति का अनुचित उपयोग करके काले धन को सफेद किया गया ।