विभिन्न मान्यवरों को देहली में दिसंबर के महिने में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का दिया गया निमंत्रण !

श्री रामलला की मूर्ति बनानेवाले शिल्पी अरुण योगीराज को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का दिया गया निमंत्रण

दाहिनी ओर श्री. अरुण योगीराज को निमंत्रण देतीं समय श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी एवं साथ में श्री. विनायक शानभाग

मैसुरु (कर्नाटक) – श्री रामलला की भावविभोर मूर्ति बनानेवाले शिल्पी श्री. अरुण योगीराज को देहली में १३ दिसंबर से होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आमंत्रण दिया गया । सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की एक आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी ने कुछ ही दिन पूर्व श्री रामलला की मूर्ति बनानेवाले मैसूरु (कर्नाटक) के शिल्पी श्री. अरुण योगीराज से उनकी मूर्तिशाला में जाकर उनसे भेंट की एवं उन्हें ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का विशेष आमंत्रण दिया । श्री. अरुण योगीराज ने भी देहली के इस महोत्सव में उपस्थित रहने की इच्छा व्यक्त की । २१ अक्टूबर को श्री. अरुण योगीराज तथा उनकी पत्नी श्रीमती विजेता ने श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी के आशीर्वाद लिए तथा उन्हें अपनी मूर्तिशाला दिखाई ।


हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से आचार्य महामंडलेश्वर तथा जूना अखाडे के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशा नंदगिरिजी से की गई भेंट !

(१) स्वामी अवधेशानंद गिरिजी को ‘सनातन पंचांग २०२६’ भेंट करते हुए  (२) सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, (३) श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी  (४) श्री. सुरेंद्र गुप्ता

कानपुर (उत्तर प्रदेश) – २१ अक्टूबर को हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने आचार्य महामंडलेश्वर तथा जूना अखाडे के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरिजी से भेंट की । इस अवसर पर स्वामीजी ने समिति के कार्य की प्रशंसा कर आशीर्वाद दिए । इस अवसर पर सुप्रसिद्ध उद्योगपति तथा ‘गोल्डी मसाले’ प्रतिष्ठान के मालिक श्री. सुरेंद्र गुप्ता, साथ ही हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी उपस्थित थे ।

इस समय स्वामी अवधेशानंद गिरिजी को हिन्दी भाषा का ‘सनातन पंचांग २०२६’ भेंट किया गया ।