
गुरुग्राम (हरियाणा) – जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से डॉ. अदिल अहमद राठर को बंदी बनाया था । वह यहां के चिकित्सालय में आतंकवादियों के ठहरने की व्यवस्था करता था । उसकी पूछताछ से कश्मीर के अनंतनाग जिला चिकित्सालय से एक असॉल्ट राइफल मिली । अगली पूछताछ में पुलिस को उसके साथी पुलवामा जिले के कोइल गांव के डॉ. मुजम्मिल शकील की जानकारी मिली । पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक कमरे पर छापा मारकर डॉ. मुजम्मिल को बंदी बनाया । वहां पुलिस को ३५० किलो ‘अमोनियम नाइट्रेट’ विस्फोटक, साथ ही ए.के.-४७ राइफल एवं ८४ जिंदा कारतूस मिले । डॉ. अदिल अहमद राठर इस देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंतिम स्वरूप देने के षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार है । पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आतंकवादियों ने दिल्ली के पास फरीदाबाद में ही यह हथियार तथा विस्फोटक क्यों जमा किया था ।

१. मुजम्मिल शकील ने ३ महीने पहले यहां किराए पर कमरा लिया था । वह वहां रहता नहीं था; परंतु उसने सामान रखा था । इसी सामग्री में हथियार तथा आर.डी.एक्स. (R.D.X.) मिला ।
२. पुलिस इन दोनों से संबंधित जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा क्षेत्र के संपर्क जाल की जांच कर रही है । जांच में ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इन दोनों के साथ कुछ अन्य डॉक्टर भी प्रतिबंधित जिहादी आतंकवादी संगठनों, विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद, से जुडे हो सकते हैं । जांच के उपरांत इस प्रकरण में कुछ और लोगों को बंदी बनाया जाने की संभावना है ।
कश्मीर में जांच अभियान !
दोनों डॉक्टरों को बंदी बनाने के उपरांत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बडी मात्रा में आतंकवाद विरोधी अभियान आरंभ कर दिया है । ९ नवंबर को कश्मीर घाटी में विभिन्न स्थानों पर की गई जांच के समय एक महिला सहित ९ लोगों को बंदी बनाया गया ।
अब तक ७ लोगों को बंदी बनाया गया !
इस पूरे प्रकरण में जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा राज्यों से ७ लोगों को बंदी बनाया गया है । उनमें आरिफ निसार डार उर्फ साहिल (नवगाम, श्रीनगर), यासिर-उल-अशरफ (नवगाम, श्रीनगर), मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद (नवगाम, श्रीनगर), मौलवी इरफान अहमद (शोपियां की मस्जिद का इमाम), जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा (वाकुरा, गांदरबल), डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब (कोईल, पुलवामा) और डॉ. अदिल (वानपोरा, कुलगाम) समाहित हैं । इनमें से मुजम्मिल एवं अदिल को फरीदाबाद में बंदी बनाया गया है ।
दिल्ली स्थित रा.स्व. संघ का कार्यालय था लक्ष्य !![]() सूत्रों की जानकारी के अनुसार, एक बडे आतंकवादी षड्यंत्र को कार्यान्वित करने की तैयारी चल रही थी । इस षड्यंत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय को लक्ष्य बनाने का विचार था । |
फरीदाबाद के पास के गांव से २ हजार ५६३ किलो विस्फोटक अधिग्रहित (जब्त)इस प्रकरण में डॉ. मुजम्मिल की पूछताछ में जानकारी मिली कि उसने फरीदाबाद से ४ कि.मी. दूर फतेहपुर तगा गांव में भी एक किराए का घर लिया था । इस सूचना पर पुलिस ने वहां छापा मारा । वहां भी पुलिस को २ हजार ५६३ किलो विस्फोटक का भंडार मिला । यह घर एक मौलवी का है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है । अधिग्रहित किए गए विस्फोटकों का प्रयोग किसलिए किया जाना था तथा इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क है, इसकी जांच चल रही है । |
विस्फोट के लिए ‘अमोनियम नाइट्रेट’ का होना था उपयोग !
‘अमोनियम नाइट्रेट’ का उपयोग खेतों में खाद के लिए किया जाता है, उसी प्रकार इसे खानों में विस्फोट करने के लिए भी उपयोग किया जाता है । आतंकवादी इसका उपयोग पेट्रोल, डीजल आदि ईंधन तेलों में मिलाकर विस्फोट करने के लिए करते हैं । इसका उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है ।
संपादकीय भूमिका
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