
प्रियोळ (म्हार्दोळ) – गोवा के निवासी सनातन के ५३वें संत पू. सीताराम देसाईजी (आयु ८४ वर्ष) ने २३ अक्टूबर २०२५ को सायंकाल ६ बजकर २५ मिनट पर देहत्याग किया । सनातन के मार्गदर्शन के अनुसार साधना कर उन्होंने ३१ जुलाई २०१५ को व्यष्टि संतपद प्राप्त किया था ।
गत कुछ वर्षों से वे एवं उनकी पत्नी सनातन की ५२वीं संत पू. मालिनी देसाई (आयु ८० वर्ष), रामनाथी स्थित सनातन के आश्रम में निवास कर रहे थे । गत कुछ दिनों से बीमार होने के कारण उनका बांबोळी के अस्पताल में उपचार चल रहा था । उनके उपरांत उनके परिवार में पत्नी पू. मालिनी देसाई, २ पुत्र श्री. चंद्रशेखर एवं श्री. अनिल; १ पुत्रवधू, ४ भाई, २ बहनें एवं नातियां हैं ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?