The Taj Story : भाजपा प्रवक्ता ने चलचित्र ‘द ताज स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

दावा किया कि यह चलचित्र उनकी याचिका पर बनाई गई है जिसमें कहा गया था कि ताजमहल एक हिन्दू मंदिर था

नई दिल्ली – अयोध्या में भाजपा नेता तथा प्रवक्ता रजनीश सिंह ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा केंद्रीय चलचित्र समीक्षा मंडल को पत्र लिखकर चलचित्र ‘द ताज स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है । उन्होंने दावा किया है कि यह चलचित्र सिंह द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रविष्ट एक याचिका के विषय पर आधारित है । रजनीश सिंह ने २०२२ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक याचिका प्रविष्ट की थी, जिसमें ताजमहल के २२ बंद कमरों को खोलने की मांग की गई थी । याचिका में दावा किया गया था कि ‘ताजमहल की जगह पर एक मंदिर था’, तथा यह भी मांग की गई थी कि ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की एक समिति स्थापित की जाए तथा ताजमहल का निरीक्षण किया जाए’; अतः, उच्च न्यायालय ने मई २०२२ में इस याचिका को अस्वीकार कर दिया ।

मेरी अनुमति नहीं ली गई !

केंद्र सरकार तथा केंद्रीय चलचित्र समीक्षा मंडल को लिखे पत्र में रजनीश सिंह ने कहा कि उन्हें पता चला है कि चलचित्र ‘द ताज स्टोरी’ मेरी याचिका पर आधारित है । चलचित्र का फलक , प्रचार सामग्री एवं कहानी में कहा गया है कि यह चलचित्र एक न्यायालय याचिका पर आधारित है । चलचित्र का यह दावा भ्रामक है तथा मेरे बौद्धिक व कानूनी अधिकारों का भी उल्लंघन है । उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘ऐसा करने से पहले मेरी अनुमति नहीं ली गई ।’

धार्मिक तनाव निर्माण हो सकता है !

रजनीश सिंह ने आगे कहा कि ऐसा चलचित्र न केवल न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करेगा, बल्कि सामाजिक एवं धार्मिक तनाव भी निर्माण कर सकता है ।