JNU Violence : वामपंथी विचारधारा के छात्र संगठनों द्वारा दुर्गामूर्ति विसर्जन शोभायात्रा (जुलूस) पर पथराव

जे.एन.यू. में अभाविप ने रावण के पुतले के साथ जिहादी आतंकवादियों के चित्र जलाए !

(जे.एन्.यू. म्हणजे जवाहरलाला नेहरू विश्वविद्यालय)

नई दिल्ली – यहां के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में विजयादशमी के दिन यानी 2 अक्टूबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रावण के पुतले के साथ जिहादी आतंकवादी अफजल गुरु एवं देशद्रोही बयान देने वाले उमर खालिद, शरजील इमाम जैसे लोगों के चित्र लगाकर उनका दहन किया । इस कृत्य पर वामपंथी विचारधारा के छात्र संगठनों (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन) ने रोष व्यक्त किया । रावण दहन के उपरांत जब दुर्गामूर्ति विसर्जन जुलूस निकला, तब विश्वविद्यालय के साबरमती टी-पॉइंट पर वामपंथी समूहों ने इस जुलूस पर आक्रमण कर दिया । अभाविप के अनुसार, जुलूस पर चप्पल, जूते एवं पत्थर फेंके गए । इससे कई छात्र एवं छात्राएं घायल हो गए ।

१. आक्रमण के समय वामपंथी विचारधारा के छात्रों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के साथ अश्लील तथा भडकाऊ नारे लगाए । अभाविप ने आरोप लगाया कि यह सब वामपंथियों के JNU छात्र संगठन के अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुनियोजित पद्धति से किया गया ।

२. अभाविप की JNU शाखा के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि ‘यह घटना छात्रों की आस्था एवं विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक परंपरा पर सीधा आक्रमण है ।’ उनका कहना है कि वामपंथी समूहों ने पवित्र उत्सव को हिंसा एवं द्वेष से कलंकित किया ।

३. JNU छात्र संगठन के संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने भी इस घटना की कडी निंदा करते हुए कहा कि ‘इससे भारतीय संस्कृति के प्रति द्वेष साफ दिखाई देता है ।’

वामपंथी समूहों के आरोप

वामपंथी संगठनों ने अभाविप पर आरोप लगाया कि उन्होंने ‘गांधी जयंती के दिन जानबूझकर धार्मिक तनाव उत्पन्न करने का प्रयास किया ।’ उन्होंने कहा कि उमर खालिद एवं शरजील इमाम के रावण के रूप में पुतले बनाकर जलाने का प्रयास इस्लाम विरोधी मानसिकता एवं राजनीतिक प्रचार का भाग था । वामपंथी समूहों ने यह भी प्रश्न उठाया कि अभाविप ने नथुराम गोडसे, गुरमीत राम रहीम एवं वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में भडकाऊ बयान देने वाले नेताओं के चित्र क्यों नहीं लगाए ?

संपादकीय भूमिका

जिहादी आतंकवादी वामपंथी विचारधारा के छात्र संगठनों के कौन लगते हैं ? उनके समर्थन में ये संगठन हिन्दुओं के धार्मिक जुलूस पर आक्रमण कर रहे हैं, इससे यह सिद्ध होता है कि ये संगठन देशद्रोही एवं हिन्दू-द्वेषी हैं तथा केंद्र सरकार को इन पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए । इसके लिए हिन्दू संगठनों को सरकार पर दबाव बनाना चाहिए !