मंदिर में मन, हृदय और आत्मा तृप्त होते हैं ! – Sultan Ahmed bin Sulayem

अबू धाबी में ‘बी.ए.पी.एस्.’ के हिन्दू मंदिर दर्शन के उपरांत संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख व्यवसायी सुल्तान अहमद बिन सुलेयम की टिप्पणियां

(बी.ए.पी.एस्.) का अर्थ है बोचसनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण सोसाइटी)

अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) – मैं यहां इससे पूर्व भी आ चुका हूं; किन्तु इस बार मुझे इस यात्रा में पूर्णरूप से भिन्न अनुभव हुआ । यह स्थान प्रेरणादायक है । मंदिर मात्र एक भवन नहीं, अपितु आत्मा का स्थान है । यहीं मन, हृदय और आत्मा की संतुष्टि होती है, ऐसा यहां के प्रमुख व्यवसायी सुल्तान अहमद बिन सुलेयम ने ‘बी.ए.पी.एस.’ के हिन्दू मंदिर के दर्शन करने के उपरांत कहा । उन्होंने मंदिर की वास्तुकला, स्वच्छता और भव्यता की भी सराहना की । अपने दो घंटे के प्रवास काल में उन्होंने कहा कि मंदिर में एक भिन्न प्रकार की आध्यात्मिक ऊर्जा है ।

इस अवसर पर स्वामी ब्रह्मविहार दास जी ने सुलेयम का स्वागत किया और सुलेयम ने इस यात्रा के लिए आभार व्यक्त किया । स्वामी जी ने कहा कि सुलेयम ने इस मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है । इस पर सुलेयम ने कहा कि मैं इस अद्भुत रचना का एक छोटा सा भाग हूं, यह मेरा सम्मान है ।

इस मंदिर का उद्घाटन १४ फरवरी, २०२४ को हुआ था । यह संयुक्त अरब अमीरात का प्रथम पारंपरिक हिन्दू मंदिर है । इस मंदिर का क्षेत्रफल २७ एकड है ।