मुसलमान यदि गरबा खेलने के लिए आएं, तो उनकी घरवापसी करा दीजिए ! – नितेश राणे, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री

(घरवापसी अर्थात हिन्दू धर्म में पुनः प्रवेश)

विकास मंत्री नितेश राणे

मुंबई – इस्लाम में मूर्तिपूजा की अनुमति नहीं है । मूर्तिपूजा कुरान को मान्य नहीं है । मूर्तिपूजा को अस्वीकार करनेवाले यदि गरबा अथवा डांडिया खेलने के लिए आते हैं, तो ‘वे हिन्दू बनना चाहते हैं’, ऐसा अर्थ होता है । अतः जो हिन्दू धर्म को नहीं मानते, उन्हें नवरात्रि के स्थलों पर पग रखने भी न दें । मुसलमान यदि गरबा अथवा डांडिया खेलने के लिए आ ही जाएं, तो उनकी घरवापसी कर दीजिए – ऐसा आवाहन भाजपा के नेता एवं राज्य के मत्स्य व्यवसाय तथा बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों से किया ।

विश्व हिन्दू परिषद ने समस्त नवरात्रोत्सव मण्डलों से यह आवाहन किया है कि ‘नवरात्रोत्सव के स्थल पर भगवान वराह की प्रतिमा रखें । भगवान वराह की प्रतिमा को वंदन करने के उपरांत ही डांडिया के स्थल पर प्रवेश दिया जाए ।’ इस विषय पर प्रसिद्धि-माध्यमों के प्रतिनिधियों ने प्रतिक्रिया पूछी, तो नितेश राणे ने उपर्युक्त वक्तव्य किया ।

इस समय मंत्री नितेश राणे ने कहा – ‘‘विश्व हिन्दू परिषद द्वारा किया गया आवाहन योग्य है । जो मूर्तिपूजा को नहीं मानते, उन्हें गरबा खेलने में रुचि क्यों है ? ‘लव जिहाद’ यही गरबा खेलने आनेवाले मुसलमान युवकों का उद्देश्य होता है । छद्म पहचान बताकर गरबा खेलने आना और हिन्दू माता-भगिनियों को लव जिहाद में फंसाना, यही उनका उद्देश्य है । लव जिहाद के प्रकरणों का प्रारंभ इसी से होता है । ‘असलम’ नामवाला यदि गरबा खेलने हेतु ‘अमर’, ‘आशिष’ जैसे हिन्दू नाम धारण करके आता है, तो हिन्दुओं को सतर्क रहना चाहिए । गरबा खेलने के स्थल पर यदि कोई मुसलमान आए, तो उसकी घरवापसी करने की सिद्धता विश्व हिन्दू परिषद तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने रखनी चाहिए । जिन मुसलमान युवकों को डांडिया अथवा गरबा खेलने की इच्छा हो, उन्हें हिन्दू धर्म स्वीकारना चाहिए । मूलतः पूर्वकाल में सभी लोग हिन्दू ही थे । बाद में उनका धर्मान्तर हुआ है ।’’