छांगूर ने वर्ष २०४७ तक भारत को इस्लामी देश बनाने का षड्यंत्र रचा था

हिन्दू युवतियों का धर्मांतरण कराने के लिए छांगूर ने १ सहस्त्र से अधिक मुसलमान युवकों को पैसे दिए थे ।

जलालुद्दीन उपाखू छंगूर

बलरामपुर (उत्तरप्रदेश) – यहां हिन्दुओं को विभिन्न लालच दिखाकर उनका धर्मांतरण करने की घटनाओं में आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) ने जलालुद्दीन उर्फ़ छांगूर तथा उसके बेटे मेहबूब के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया है । २ महीने पहले उत्तरप्रदेश में छांगूर को बंदी बनाया गया था । इस घटना की जांच करते समय यह सामने आया कि छांगूर ने वर्ष २०४७ तक भारत को इस्लामी देश बनाने का षड्यंत्र रचा था । उसने सैकड़ों लोगों का धर्मांतरण किया था । एटीएस की रिपोर्ट के अनुसार छांगूर एवं उसके साथी गरीब व असुरक्षित लोगों को लालच, धमकी और मानसिक दबाव डालकर धर्मांतरण कर रहे थे ।

१. इस प्रकरण में २९ साक्षी लोगों (गवाहों) के विवरण लिए गए, जिनमें से १० पीड़ित हैं । एक महिला गवाह ने आरोप लगाया कि महबूब तथा उसके साथी नवीन रोहरा ने बलात्कार किया था ।

२. छांगूर को इस्लामी देशों से धर्मांतरण के लिए ५०० करोड़ रुपये मिले थे तथा उसका मुख्य लक्ष्य गरीब लड़कियों व विधवा महिलाएं थीं । हिन्दू लड़कियों को जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए छांगूर ने १ सहस्त्र से अधिक मुसलमान युवकों को पैसे दिए थे ।

संपादकीय भूमिका

प्रतिबंधित पाप्युलर फ्रंट आफ इंडिया का भी भारत को इस्लामी देश बनाने का षड्यंत्र था । इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत के कट्टरपंथी मुसलमान भारत को “इस्लामिस्तान” बनाने के लिए किस प्रकार की गतिविधियां कर रहे हैं । इसे रोकने के लिए हिन्दुओं का सशक्त संगठन आवश्यक है।