Russia-China Gas Project :रूस और चीन के मध्य हुआ विश्व का सर्वाधिक बड़ा गैस परियोजना का समझौता !

  • रूस चीन को प्रतिवर्ष ५० अरब घन मीटर प्राकृतिक वायु उपलब्ध करायेगा

  • दोनों देशों के मध्य संबंध अभूतपूर्व स्तर पर ! – पुतिन

मॉस्को (रूस) – रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि रूस एवं चीन के मध्य के संबंध अभूतपूर्व उच्च स्तर पर हैं । रूस से चीन को ‘पॉवर ऑफ साइबेरिया-२’ नामक मुख्य गैस पाइपलाइन निर्माण के लिये ऐतिहासिक करार हुआ है । यह करार पुतिन की महान विजय माना जा रहा है । इसका कारण भी स्पष्ट है । यूक्रेन से चल रहे युद्ध के कारण यूरोप एवं अमेरिका ने रूस पर अनेक प्रतिबंध लगाये हैं । रूस का तेल भी यूरोपीय राष्ट्र अत्यंत अल्प मात्रा में ही ले रहे हैं । इस पृष्ठभूमि पर चीन की विशाल अर्थव्यवस्था से हुआ यह समझौता रूस के लिये अत्यंत लाभदायक सिद्ध हुआ है । इसलिये यह समझौता ट्रम्प के लिये भी बड़ी चुनौती है, ऐसा विविध विदेश नीति विशेषज्ञों का मत है ।

चीनी प्रसार माध्यमों द्वारा दिये गये समाचार के अनुसार पुतिन के हाल के चीन दौरों के समय पुतिन एवं जिनपिंग ने अनेक घंटे एक साथ व्यतीत किये । पुतिन, जिनपिंग के अधिकृत निवास स्थान पर चाय पीते भी दिखाई दिये ।

३० वर्षों के लिये होगा विश्व का यह सर्वाधिक महंगा गैस संबंधी करार !

‘गैज़प्रॉम’ इस रूस की प्राकृतिक वायु संबंधी शासकीय संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्सी मिलर ने कहा कि इस करार में ३० वर्षों के लिये गैस आपूर्ति की व्यवस्था है तथा उसका मूल्य यूरोप से ली जाने वाली गैस से कम होगी। यह विश्व की सर्वाधिक बड़ा एवं सर्वाधिक महंगी गैस परियोजना होगी ।

संपादकीय भूमिका 

भारत पर ५० प्रतिशत आयात कर लगाने वाला अमेरिका, चीन के संदर्भ में सावधानी का दृष्टिकोण अपना रहा है । इसका कारण यह है कि चीन की अर्थव्यवस्था भारत से ५ गुना है तथा अमेरिका चीन से बड़े स्तर पर वस्तुएं आयात करता है । अतः चीन की रूस से निकटता पर स्वार्थवश अमेरिका मौन है !