Himachal Heavy Rain : हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त

  • ६ जिलों को अधिकतम सुरक्षा की चेतावनी

  • ४ राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल ६६२ मार्ग बंद

  • कई क्षेत्रों में भूस्खलन से भारी आर्थिक हानि

  • एक सप्ताह में औसत से २९१ प्रतिशत से अधिक वर्षा पंजीकृत की गई

शिमला (हिमाचल प्रदेश) – राज्य में भीषण वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे प्राण एवं संपत्ति की हानि हुई है एवं भारी आर्थिक हानि हुई है । राजधानी शिमला क्षेत्र में पिछले २४ घंटों से भीषण वर्षा हो रही है ।

१. राज्य सरकार ने प्रतिकूल वातावरण को देखते हुए ६ जिलों में अधिकतम सुरक्षा चेतावनी जारी किया है । शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, ऊना एवं हमीरपुर इन ९ जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है ।

२. शिमला के जंगा क्षेत्र में एक घर ध्वस्त हो गया, जिसमें वीरेंद्र कुमार (३५ वर्ष) एवं उनकी १० वर्षीय पुत्री की मृत्यु हो गई । घटना के समय उनकी पत्नी घर के बाहर थीं अत: वह बच गईं । एक अन्य घटना में कोटखाई के चोला गांव में भूस्खलन में एक ज्येष्ठ महिला की मृत्यु हो गई ।

३. राज्य के कई भागों में वर्षा के कारण ४ राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल ६६२ मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं । कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ है, एवं बिजली-पानी की सुविधा बाधित हुई है । अनुमान है कि ९८५ विद्युत ट्रांसफार्मर एवं ४९५ पेयजल योजनाएं बंद हो गई हैं ।

४. मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में २४ से ३१ अगस्त के मध्य औसत से २९१ प्रतिशत अधिक वर्षा पंजीकृत की गई है । विशेषकर, चंबा जिले में ५८९ प्रतिशत, कुल्लू में ४५८ प्रतिशत, शिमला में ३४९ प्रतिशत एवं लाहौल-स्पीति में ३६९ प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है । पूरे अगस्त महीने को ध्यान में रखते हुए, हिमाचल में इस वर्ष ४४० मिमी वर्षा हुई है, जो औसत से ७२ प्रतिशत अधिक है ।

५. वर्षा के कारण पहाडी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण, पहाड का राडारोडा सामान्य वाहनों एवं यात्री वाहनों पर गिर गया, जिसमें कुछ वाहन दब गए, जबकि एक बिजली का खंभा एक चार पहिया वाहन पर गिर गया । सौभाग्य से चालक को चोट नहीं आई ।

६. वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढने से अनेक स्थानों पर बाढ की स्थिति हो गई है । कांगडा में पौंग बांध से १ लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा।

७. कुल्लू जिले में नग्गर नाले में २ लोग फंस गए थे । उन्हें सफलतापूर्वक बचा लिया गया; यद्यपि, पांगी क्षेत्र में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण ३२ लोग अभी भी त्रिलोकीनाथ मंदिर की धर्मशाला में फंसे हुए हैं, जिसमें महिलाएं भी हैं । कई गांवों में घरों पर भूस्खलन का धोखा मंडरा रहा है एवं भूस्खलन भी हो रहा है ।

८. प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने एवं अनावश्यक यात्रा से बचने का आवाहन किया है । यद्यपि बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं, किन्तु जब तक वर्षा कम नहीं हो जाती, स्थिति सामान्य होने की संभावना नहीं है ।