Chhattisgarh Conversion : दुर्ग (छत्तीसगढ) में प्रार्थना सभा के नाम पर मजदूरों का धर्मांतरण : दो पादरियों को बंदी बनाया

हिन्दू देवताओं के विषय में की जा रही थी आपत्तिजनक टिप्पणियां ।

दुर्ग (छत्तीसगढ) – यहां के बोरसी स्थित न्यू मन्नम नगर क्षेत्र में एक घर में चल रही प्रार्थना सभा में मजदूरों का बलपूर्वक धर्मांतरण किया जा रहा था, ऐसा उजागर हुआ । हिन्दू संगठनों ने इसे उजागर किया । इसके बाद क्षेत्र में भगदड मच गई । इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने मनोहर टांडी और आकाश बसेरा इन २ पादरियों को बंदी बनाया। उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का अपराध प्रविष्ट किया गया है ।

हिन्दू संगठनों के अनुसार ओडिशा से आए मजदूरों को भोजन और औषधोपचार का प्रलोभन दिखाकर प्रार्थना सभा में ले जाया गया । इस समय हिन्दू देवताओं के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं । इसके साथ ही मजदूरों पर दबाव बनाकर उन्हें ईसाई धर्म स्वीकारने के लिए प्रवृत्त किया जा रहा था । यह घटना सामने आने के बाद तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता और पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठोड ने घटनास्थल का दौरा कर जांच की । पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र लहारे ने बताया कि धर्मांतरण की शिकायत के बाद संबंधितों पर कानूनी कार्यवाही चल रही है । इस प्रकार से राज्य में धर्मांतरण पर नियंत्रण की मांग ने फिर से जोर पकडा है ।

दो वर्षों से चल रही थी प्रार्थना सभा –

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने दी हुई जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से ये प्रार्थना सभाएं चल रही हैं । पूर्व में विरोध होने के बाद कुछ समय उन्हें बंद कर दिया गया था , किन्तु बाद में पुनः प्रारंभ कर दी गईं । रविवार, ३१ अगस्त को हुई प्रार्थना सभा पर हिन्दू संगठनों ने आपत्ति की, उसके बाद पुलिस ने कार्यवाही की ।

संपादकीय भूमिका 

  • सरकार को सचमुच देश में धर्मांतरण की घटनाएं बंद करनी हों, तो धर्मांतरण करने वालों की जडे खोदकर यह सामने लाना चाहिए कि उन्हें कौन और कितना धन देता है ? उनका जाल कैसे कार्यरत रहता है ? उन्हें स्थानीय किन-किन लोगों की सहायता मिलती है ? जैसी बातें जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए ।
  • देश में हिन्दू बहुसंख्यक होने पर भी अल्पसंख्यक उनका धर्मांतरण करते हैं, यह हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक है । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा लेकर अपने भीतर धर्माभिमान बढाना ही उनका धर्मांतरण रोकने का प्रभावी उपाय है ।