Trump Advisor Peter Navarro : (और इनकी सुनिए) – ‘रूस-यूक्रेन युद्ध यानी मोदी वॉर (मोदी युद्ध) ’

ट्रम्प के मुख्य व्यापार परामर्शदाता (सलाहकार) पीटर नवारो का हंगामा –

ट्रम्प के व्यापार परामर्शदाता (सलाहकार) पीटर नवारो

वॉशिंगटन (अमेरिका) – ट्रम्प के व्यापार परामर्शदाता (सलाहकार) पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी वॉर’ कहा है । ‘ब्लूमबर्ग टेलीविजन’ को दिए गए साक्षात्कार में नवारो ने कहा कि भारत रूस से सस्ता तेल लेता है, उसे शुद्ध करता है और ऊंचे मूल्य पर बेचता है । इससे रूस को युद्ध के लिए पैसे मिलते हैं तथा वह यूक्रेन पर आक्रमण करता है । इसके बाद यूक्रेन हमारे पास एवं यूरोप के पास आता है तथा कहता है कि हमें अधिक पैसे दो । इस प्रकार अमेरिकी करदाताओं को हानि उठानी पड़ती है । (इसका मतलब भारतीय अर्थव्यवस्था को हानि हो जाए तो चलेगा, पर अमेरिकी नागरिकों को हानि नहीं होनी चाहिए – संपादक)

नवारो का यह वक्तव्य ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर ५० प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है । इससे भारत द्वारा अमेरिका को होने वाले निर्यात पर लगभग ६६ प्रतिशत तक का परिणाम हो सकता है ।

पीटर नवारो द्वारा रखे गए सूत्र।

१. भारत, तुम दूसरे देशों के प्रमुख (चीन एवं रूस के प्रमुखों) से मिल रहे हो । चीन ने ‘अक्साई चीन’ तथा तुम्हारे अनेक क्षेत्र हथिया लिए हैं तथा रूस ? उसे तो भूल ही जाओ। वह तुम्हारा मित्र नहीं है ।

२. मोदी एक महान नेता हैं । भारत एक लोकतांत्रिक देश है, फिर भी वह हमसे आँखें मूँदकर कहते है कि हम रूस से तेल लेना बंद नहीं करेंगे । अब इसका मतलब क्या ?

३. भारत प्रतिदिन रूस से १५ लाख बैरल तेल ले रहा है, जो यूक्रेन के लोगों को मारने के लिए हथियार, ड्रोन एवं बम खरीदने के लिए पर्याप्त है ।

(और इनकी सुनिए) – ‘भारत व्यापार में धोखाधडी करता है ‘ – नवारो

नवारो ने शुल्क वृद्धि का बचाव करते हुए भारतीय व्यापार नीतियों को अन्यायपूर्ण कहा । उन्होंने कहा कि भारत ने व्यापार में हमसे धोखाधडी की । इसके लिए उस पर २५ प्रतिशत शुल्क लगाया गया । बाद में रूस का तेल लेने पर २५ प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया ।

संपादकीय भूमिका 

  • ‘रूस-यूक्रेन युद्ध केवल भारत के कारण चल रहा है, यह कहकर अब अमेरिका ने आरोप लगाने की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। रूस के कुल तेल निर्यात में चीन का हिस्सा ४७ प्रतिशत है, जबकि भारत का केवल ३८ प्रतिशत है । ऐसे समय मे चालाक अमेरिका भारत को ही युद्ध का कारण ठहरा रहा है, यह ध्यान देने योग्य है ।
  • रूस की मांगें पूरी कर युद्ध रोकने की जगह भारत को उससे दूर करके रूस को अकेला करने का अमेरिका का स्वार्थीपन ही सामने आता है। इससे भारत को भी हानि ही होगी । इसलिए अब अमेरिका को पाठ सिखाना आवश्यक है। इसके लिए भारतीय नागरिकों को अमेरिकी उत्पादों के क्रय पर अघोषित बहिष्कार करना चाहिए । तभी अमेरिका सीधा होगा ।