पुलिस ने यासीन मलिक के घर समेत श्रीनगर में ८ स्थानों पर छापे मारे

कश्मीरी हिंदू सरला भट्ट हत्याकांड में ३५ वर्ष बाद कार्रवाई !

श्रीनगर – १९९० में हुई कश्मीरी हिन्दू महिला सरला भट्ट की हत्या के प्रकरण में विशेष जांच संस्था ने १२ अगस्त को श्रीनगर में ८ स्थानों पर छापे मारे । मैसूमा परिसर में ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट’ संगठन के प्रमुख यासीन मलिक के घर तथा उसके साथियों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने हाल ही में १९९० के दशक में जिहादी आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी हिन्दुओं के विरुद्ध किए गए नरसंहार के प्रकरणों को फिर से खोलने का निर्णय लिया था । इसी निर्णय के अंतर्गत जांच संस्था ने यह कार्रवाई शुरू की है ।

 सरला भट्ट की निर्मम हत्या !

परिचारिका के रूप में कार्यरत सरला भट्ट का १९९० में ‘शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ के छात्रावास से अपहरण कर लिया गया था । अगले दिन श्रीनगर के सौरा परिसर में गोलियों से छलनी हुआ उनका मृत शरीर मिला था । यह प्रकरण पहले निगिन पुलिस थाने में नोंद किया गया था । बाद में इसे विशेष जांच संस्था को सौंप दिया गया ।

संपादकीय भूमिका

  • ३५ वर्ष उपरांत हत्या की जांच शुरू करने वाली भारतीय पुलिस ! अब पुलिस को हत्या के सबूत कब तथा कैसे मिलेंगे ? तो स्पष्ट है कि कल पुलिस न्यायालय में ‘कोई सबूत नहीं’ कहकर बरी हो जाएगी तथा इस प्रकरण को नष्ट कर देगी ! यह पीडित कश्मीरी हिन्दुओं का क्रूर उपहास है !
  • हिन्दुओं की मांग है कि सरकार इतने वर्षों तक जांच न करने वाली पुलिस को मृत्यु दंड दे !