बांग्लादेश में हिन्दुओं का नरसंहार जारी है ! – Bangladesh Awami League

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ने मोहम्मद युनूस सरकार पर किया कटाक्ष !

ढाका (बांग्लादेश) : बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के उपरांत अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिन्दुओं पर अत्याचार की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । इस पृष्ठभूमि पर, बांग्लादेश की शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी ने युनूस सरकार पर आक्रमण करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में देश में अल्पसंख्यकों के नरसंहार का एक सुनियोजित अभियान आरंभ किया गया है । हिन्दुओं के मंदिरों को आग लगाई जा रही है तथा हिन्दुओं के साथ मारपीट की जा रही है ।

अवामी लीग पार्टी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि :

१. ५ अगस्त २०२४ कोई निर्णायक दिन नहीं था; वह केवल हिंसा को हरी झंडी दिखाने जैसा था । केवल १६ दिनों में, पूरे देश में हिंसा फैल गई । फिर भी, विश्व युनूस की प्रशंसा कर रहा है । वर्ष १९७१ के नरसंहार को अंतिम माना जा रहा था; परंतु वह फिर से उनके कार्यकाल में लौट आया है । क्या बांग्लादेश अभी भी वही देश है अथवा वह एक छिपे हुए तालिबानी राज्य में परिवर्तित हो गया है ?

२. बरीसाल में एक हिन्दू परिवार को पीटा गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई । हबीगंज के कॉलेज में पढनेवाली मोनप्रिया सरकार गायब हो गई । कुमिल्ला में एक हिन्दू स्त्री के साथ उसके ही घर में सामूहिक बलात्कार किया गया । खिलखेत में सरकारी एजेंसियों ने श्री दुर्गादेवी का एक मंदिर बुलडोजर से गिरा दिया । ठाकुरगांव में मूर्तियां तोडी गईं, मंदिर जलाए गए तथा पूरे हिन्दू समुदाय को गांव छोडने पर विवश किया गया ।

३. मदरसों में द्वेष सिखाया जाता है, सेनाधिकारी हिन्दुओं के मंत्रों का उपहास उडाते हैं । मंदिर, समाधि एवं श्रद्धास्थल अब युद्धभूमि बन गए हैं ।

४. बांग्लादेश अब अल्पसंख्यकों के लिए एक शवदाहगृह (कब्रिस्तान) बन गया है । पिछले वर्ष जो अस्थिरता का आरंभ हुआ था, वह अब एक संगठित धार्मिक शुद्धिकरण में परिवर्तित हो गया है ।

५. युनूस सरकार ने एक क्रूर सांप्रदायिक राज्य का निर्माण किया है । यहां अल्पसंख्यक होना एक अपराध है । धार्मिक पहचान ही भय उत्पन्न करती है । पिछले एक वर्ष से अल्पसंख्यक समुदाय पर निरंतर सुनियोजित ढंग से भय निर्माण किया गया है । कट्टरपंथियों ने मंदिरों पर आक्रमण किए, स्त्रियों का बलात्कार किया, लडकियों का अपहरण किया, घर जलाए एवं सरकार इस सब पर मौन है ।

संपादकीय भूमिका 

  • जो बात भारत सरकार को कहनी चाहिए, वह बांग्लादेश का पूर्व सत्ताधारी दल कह रहा है । क्या अब तो भारत बांग्लादेश के हिन्दुओं की रक्षा के लिए कदम उठाएगा ? हिन्दुओं का भी बांग्लादेशी हिन्दुओं की रक्षा के लिए सरकार पर दबाव न डालना, यह भी लज्जाजनक है !
  • अवामी लीग के शासनकाल में भी हिन्दुओं पर अमानवीय अत्याचार हुए हैं । इसलिए अब उसकी यह भूमिका ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ जैसी है !